International Yoga Day 2025 : 25 करोड़ लोगों की भागीदारी और गिनीज रिकॉर्ड्स के साथ बना ऐतिहासिक आयोजन
Headings
- 1 Flight Diverted : दो उड़ानों में बड़ा तकनीकी संकट, एक की आपात लैंडिंग, दूसरी उड़ान रद्द
- 1.0.1 International Yoga Day : 2025 की थीम, Yoga for Self and Society
- 1.0.2 International Yoga Day 2025 : भव्य आयोजन, भारत से लेकर विदेश तक
- 1.0.3 राजपथ से लेकर हिमालय की वादियों तक
- 1.0.4 International Yoga Day 2025 : विदेशों में भी गूंज
- 1.0.5 International Yoga Day 2025 : 25 करोड़ लोगों की भागीदारी, डिजिटल और फिजिकल माध्यमों का संगम
- 1.0.6 International Yoga Day 2025 : योग ने रचे नए इतिहास
- 1.0.7 International Yoga Day 2025 : स्वास्थ्य और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से योग का प्रभाव
- 1.0.8 International Yoga Day : शिक्षा प्रणाली में योग का समावेश
(Tehelka Desk)International Yoga Day 2025:
योग से विश्व तक का सफर :
21 जून को हर साल मनाया जाने वाला International Yoga Day 2025 आज केवल एक सांस्कृतिक या स्वास्थ्य गतिविधि नहीं, बल्कि एक वैश्विक आंदोलन बन चुका है। साल 2015 में इसकी शुरुआत संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्ताव के बाद हुई थी। तब से अब तक योग दिवस न सिर्फ भारत, बल्कि दुनियाभर के करोड़ों लोगों के जीवन का हिस्सा बन चुका है।
2025 में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025 ने और भी भव्य रूप से धारण कर लिया है, जिसमें 25 करोड़ से अधिक लोगों की भागीदारी और कई गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने इसे ऐतिहासिक बना दिया है।
International Yoga Day 2025: इतिहास एक विचार जो आंदोलन बन गया
जब 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में योग को वैश्विक स्वास्थ्य और शांति का माध्यम बताते हुए इसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मनाने का प्रस्ताव रखा, तो 193 देशों में से 177 देशों ने इसे सह-प्रायोजित किया जो अब तक के सबसे अधिक समर्थन वाले प्रस्तावों में से एक है।
21 जून को इसलिए चुना गया क्योंकि यह साल का सबसे लंबा दिन होता है और योग की दृष्टि से यह आत्म-जागरण का प्रतीक माना जाता है।
Flight Diverted : दो उड़ानों में बड़ा तकनीकी संकट, एक की आपात लैंडिंग, दूसरी उड़ान रद्द
International Yoga Day : 2025 की थीम, Yoga for Self and Society
इस साल योग दिवस की थीम रही “Yoga for Self and Society” यानी व्यक्ति के आत्मविकास और समाज की भलाई दोनों के लिए । इस संदेश ने यह स्पष्ट कर दिया कि योग केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द, मानसिक शांति और विश्व एकता का आधार भी बन सकता है।
International Yoga Day 2025 : भव्य आयोजन, भारत से लेकर विदेश तक
राजपथ से लेकर हिमालय की वादियों तक
भारत में इस बार मुख्य कार्यक्रम हरिद्वार के तटों और ऋषिकेश की घाटियों में आयोजित किया गया, जहां हजारों साधु-संतों, विदेशी नागरिकों, छात्रों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने सामूहिक योगाभ्यास किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद कार्यक्रम में शामिल हुए और लोगों को योग की महत्ता पर संबोधित किया।

International Yoga Day 2025 : विदेशों में भी गूंज
अमेरिका, फ्रांस, जापान, रूस, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका और खाड़ी देशों तक योग दिवस की धूम रही। न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर में हजारों लोगों ने सूर्य नमस्कार और प्राणायाम किया। वहीं दुबई के बुर्ज खलीफा के सामने सामूहिक योग कार्यक्रम ने सबका ध्यान खींचा।
International Yoga Day 2025 : 25 करोड़ लोगों की भागीदारी, डिजिटल और फिजिकल माध्यमों का संगम
2025 में योग दिवस की सबसे खास बात रही 25 करोड़ लोगों की भागीदारी, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
यह संभव हुआ डिजिटल माध्यमों, लाइव स्ट्रीमिंग, टीवी ब्रॉडकास्ट और सोशल मीडिया कैंपेन की वजह से।
- YouTube और Facebook पर लाखों लाइव व्यूज
- #YogaDay2025 ट्रेंड हुआ कई देशों में
- स्कूलों, ऑफिसों, कॉलोनियों और गांवों में भी बड़े पैमाने पर आयोजन हुए
International Yoga Day 2025 : योग ने रचे नए इतिहास
इस बार योग दिवस पर कई विश्व रिकॉर्ड बने, जिनमें प्रमुख हैं:
- एक ही समय में सबसे अधिक लोगों द्वारा योगाभ्यास – 2.1 करोड़ से अधिक लोगों ने एक साथ योग किया।
- सबसे लंबी लाइव योग स्ट्रीमिंग – 24 घंटे लगातार कई देशों में योग का लाइव प्रसारण।
- अलग-अलग देशों में एक साथ योग अभ्यास करने का रिकॉर्ड – 100 से अधिक देशों में एक ही समय पर योगाभ्यास।
- सबसे ऊंचाई पर योग , माउंट एवरेस्ट बेस कैंप पर योगाभ्यास करने वाला पहला आधिकारिक आयोजन।
ये रिकॉर्ड न केवल योग की लोकप्रियता दिखाते हैं, बल्कि भारत की “सॉफ्ट पावर” को भी मजबूत करते हैं।
International Yoga Day 2025 : स्वास्थ्य और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से योग का प्रभाव
योग न केवल मानसिक शांति और आध्यात्मिक विकास का माध्यम है, बल्कि इसके स्वास्थ्य लाभ भी वैश्विक स्तर पर स्वीकार किए जा चुके हैं। वैज्ञानिक शोधों से यह सिद्ध हो चुका है कि योग:
- तनाव कम करता है
- नींद में सुधार करता है
- हृदय, फेफड़े और पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है
- मधुमेह, उच्च रक्तचाप और अवसाद जैसी बीमारियों में कारगर है
इसलिए WHO, UNESCO और कई वैश्विक स्वास्थ्य संगठन अब योग को औपचारिक रूप से स्वास्थ्य नीति में शामिल करने की सिफारिश कर चुके हैं।
International Yoga Day : शिक्षा प्रणाली में योग का समावेश
2025 में भारत सरकार ने नई शिक्षा नीति के अंतर्गत योग को अनिवार्य विषय के रूप में स्कूलों और कॉलेजों में शामिल किया है। इसके अलावा:
- युवा कार्यक्रमों में योग को अनिवार्य किया गया
- योग प्रमाणपत्र और कोर्सेज को वैश्विक मान्यता मिल रही है
- भारत में योग शिक्षक बनना अब एक सम्मानजनक करियर विकल्प बन चुका है


