Uttarakhand Disaster 2025 : राखी और राहत, आपदा में भाई बना मुख्यमंत्री
(Tehelka Desk)Uttarakhand Disaster 2025 :
मुख्य बिंदु:
- उत्तरकाशी के धराली गांव में बादल फटने से भारी तबाही
- रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सीएम पुष्कर सिंह धामी ने लिया हालात का जायजा
- एक पीड़ित महिला ने साड़ी का टुकड़ा फाड़ सीएम को राखी बांधी
- महिला की आंखों में आंसू, सीएम की आंखें भी हुईं नम
- रक्षाबंधन से पहले मिला भावनात्मक क्षण, राहत शिविरों में बंधी उम्मीदें
उत्तराखंड के उत्तरकाशी ज़िले के Dharali village में हाल ही में हुई भारी बारिश और बादल फटने की घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। कई लोगों की जानें चली गईं, कई अब भी लापता हैं और सैकड़ों लोग बेघर होकर राहत शिविरों में जिंदगी गुजार रहे हैं। ऐसे में एक मार्मिक दृश्य सामने आया जिसने पूरे प्रदेश को भावनाओं से भर दिया।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जब राहत शिविरों का दौरा कर रहे थे, तो एक पीड़ित महिला उनके पास आई। उसके हाथ में न कोई डिब्बा था, न कोई थाल – सिर्फ एक साड़ी का पुराना टुकड़ा था। उसने उस कपड़े को फाड़ा, सीधा सीएम धामी की कलाई पकड़ी और उसमें राखी बांध दी।
महिला की आंखें छलक आईं। उसने कांपती आवाज़ में कहा, “भाई हो तुम हमारे… हमें बचा लिया।” सीएम की आंखें भी नम थीं। उन्होंने महिला के हाथों को पकड़ा और भरोसा दिलाया कि सरकार हर संभव मदद देगी। यह पल वहां मौजूद सभी लोगों को भावुक कर गया।
Uttarakhand Disaster 2025 : दौरे के बीच उम्मीद की डोर
उत्तरकाशी में आई इस आपदा के बीच मुख्यमंत्री धामी लगातार प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सेना के जवान राहत और बचाव कार्यों में लगे हुए हैं। लेकिन धराली के इस राहत शिविर में जो दृश्य सामने आया, वो प्रशासनिक दौरे से कहीं ज़्यादा दिल को छू जाने वाला था।
रक्षाबंधन से ठीक पहले इस राखी ने भावनात्मक रूप से सभी को जोड़ दिया। न सजे-धजे त्योहार की जरूरत थी, न मिठाई की – एक साड़ी का टुकड़ा ही काफी था उस बहन के प्रेम को व्यक्त करने के लिए।
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Uttarakhand Disaster 2025 : राहत घोषणाएं
राखी बांधने के बाद सीएम धामी ने महिला से पूछा कि उसके परिवार का क्या हाल है। महिला ने बताया कि उसका घर मलबे में दब गया है, परिवार के कई सदस्य घायल हैं। सीएम ने तत्काल जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि पीड़ित महिला के लिए विशेष सहायता दी जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा,
“यह राखी मेरे लिए एक जिम्मेदारी है। मेरी बहन ने मुझे जो भरोसा दिया है, उसे निभाना मेरा कर्तव्य है।”
इसके साथ ही उन्होंने राहत राशि बढ़ाने, पुनर्वास योजना तेज़ करने और प्रभावित परिवारों को अस्थाई आवास उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
Uttarakhand Disaster 2025 : रेस्क्यू कार्य जारी
धराली और आस-पास के क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। अब तक 300 से ज़्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। राहत शिविरों में खाने-पीने, दवाई और कपड़ों की व्यवस्था की जा रही है।
बिजली और पानी की आपूर्ति को बहाल करने के लिए टीमें काम में जुटी हैं। साथ ही एनडीआरएफ की टीमें मलबे में दबे लोगों की तलाश कर रही हैं।
Uttarakhand Disaster 2025 : लोगों में विश्वास जगा
पीड़ित महिला के इस कदम ने एक बार फिर सरकार और जनता के बीच भावनात्मक जुड़ाव को मजबूत किया है। लोग कह रहे हैं कि “वो सिर्फ मुख्यमंत्री नहीं, संकट के समय भाई बनकर आए हैं।” सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल हो रहा है, जहां लोग इस बहन-भाई के रिश्ते को ‘उत्तराखंड की असली तस्वीर’ बता रहे हैं।
धराली की राखी ने बता दिया कि आपदा की घड़ी में संवेदना, सेवा और सरकार – तीनों का तालमेल हो तो टूटे हुए दिल भी जुड़ सकते हैं। एक साड़ी का टुकड़ा न केवल रक्षा सूत्र बना, बल्कि विश्वास और उम्मीद की सबसे मजबूत डोर भी बन गया।


