World TB Day : उत्तराखंड के लिए अभी टीबी को हराने के लिए जंग बाकि, जानिए प्रदेश में टीबी का हाल

World TB Day

World TB Day : आज 24 मार्च को दुनिया भर में विश्व टीबी दिवस मनाया जाता है। ऐसे में आज हम आपकों उत्तराखंड में टीबी का क्या हाल है वो बताने वाले हैं। उत्तराखंड की बात करें तो टीबी, तपेदिक यानी क्षय जैसे संक्रमण बीमारी से मुक्ति पाने के लिए प्रदेश को और मजबूती से जंग लड़ने बाकि है। पिछले कुछ सालों से टीबी रोगियों की संख्या घट बढ़ रही है। वर्तमान में प्रदेश में करीब 20 हजार रोगी चिह्नित किए गए हैं। यह तब है, जबकि कई रोगी चिह्नित ही नहीं हो पाए हैं।

टीबी मुक्त भारत अभियान में उत्तराखंड पीछे

World TB Day : केंद्र सरकार 2025 तक तपेदिक या टीबी मुक्त भारत बनाने में जुटी है। इस लक्ष्य से अभी उत्तराखंड कोई कदम नहीं उठा पाया है। राज्य में तपेदिक के मामले बढ़ रहे हैं और लक्ष्य अधिसूचना के हिसाब से कम रोगी चिह्नित किए जा रहे हैं। आर्थिक सर्वे के मुताबिक प्रदेश में वर्ष 2020 में प्रति लाख पर 275 रोगियों का अनुमान था। यह लक्ष्य अधिसूचना भी थी।

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World TB Day : इसकी तुलना में प्रति लाख की जनसंख्या पर 176 रोगी चिह्नित किए गए। वर्ष 2017 में करीब 22 हजार रोगी चिह्नित किए गए थे और 2018 में यह संख्या करीब 28 हजार पाई गई थी। वर्ष 2019 में भी यह संख्या 20 हजार से अधिक ही पाई गई थी।

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मरीजों को दिया जा रहा प्रति माह 500 रुपए

World TB Day : टीबी रोगियों को चिह्नित करने और उन्हें इलाज के दौरान भोजन पोषण सहायता राशि कार्यक्रम भी जारी है। इसके तहत मरीजों को प्रत्येक माह पांच सौ रुपये के हिसाब से भुगतान बैंक खाते में होना है। निजी डॉक्टरों को टीबी मरीजों की जानकारी सीएमओ और जिला क्षय रोग अधिकारी को देनी है। निक्षय पोर्टल पर भी मरीज का विवरण देना है। टीबी रोगी चिह्नित करने पर पांच सौ रुपये और इलाज पूरा करने पर पांच सौ रुपये प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।

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