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World Arthritis Day 2025 : बिना दवाई सबसे असरदार तरीका है फिजियोथेरेपी, डॉक्टर से जानें

(Tehelka Desk)World Arthritis Day 2025 : 

हर साल 12 अक्टूबर को दुनिया भर में विश्व गठिया दिवस (World Arthritis Day) मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को आर्थराइटिस यानी गठिया जैसी दर्दनाक बीमारी के बारे में जागरूक करना और इससे निपटने के सही उपाय बताना है। 2025 में इस साल की थीम है – “Let’s Move Together: Managing Arthritis Naturally” यानी “चलें साथ, प्राकृतिक रूप से गठिया को हराएं।”

भारत में हर पांचवां व्यक्ति किसी न किसी प्रकार के जोड़ दर्द या गठिया से प्रभावित है। यह समस्या सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं, बल्कि अब युवाओं और महिलाओं में भी तेजी से बढ़ रही है।

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World Arthritis Day 2025 : क्या है

गठिया यानी आर्थराइटिस (Arthritis) जोड़ों में सूजन, दर्द और जकड़न की स्थिति होती है। शरीर के किसी भी जोड़ जैसे घुटना, कंधा, कोहनी, कलाई या उंगलियां सभी पर इसका असर पड़ सकता है। गठिया के कई प्रकार हैं, लेकिन मुख्य रूप से ऑस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis) और रूमेटॉइड आर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis) सबसे आम हैं।

ऑस्टियोआर्थराइटिस उम्र के साथ जोड़ों के घिसने से होता है, जबकि रूमेटॉइड आर्थराइटिस एक ऑटोइम्यून बीमारी है जिसमें शरीर की इम्यून सिस्टम गलती से खुद के जोड़ों पर हमला करता है।

डॉक्टरों के अनुसार – दवा नहीं, फिजियोथेरेपी है सबसे असरदार तरीका

देहरादून स्थित फिजियोथेरेपी विशेषज्ञ डॉ. संजीव मलिक का कहना है कि “गठिया को केवल दवाओं से नहीं, बल्कि फिजियोथेरेपी और एक्सरसाइज से बेहतर तरीके से कंट्रोल किया जा सकता है।”

उनके अनुसार

“दवाएं केवल दर्द को अस्थायी रूप से कम करती हैं, लेकिन फिजियोथेरेपी जोड़ की गतिशीलता को सुधारती है और मांसपेशियों को मजबूत बनाती है। इससे लंबे समय तक दर्द में राहत मिलती है और मरीज को चलने-फिरने में आसानी होती है।”

फिजियोथेरेपी से जोड़ों के आसपास के टिश्यू में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है, जिससे सूजन कम होती है और दर्द घटता है।

World Arthritis Day 2025 : फिजियोथेरेपी से फायदा

  1. दर्द और सूजन में राहत: नियमित फिजियोथेरेपी करने से जोड़ के आसपास की मांसपेशियों में मजबूती आती है जिससे दर्द कम होता है।
  2. लचीलापन बढ़ता है: एक्सरसाइज से जोड़ों की गतिशीलता में सुधार होता है।
  3. ऑपरेशन की संभावना घटती है: शुरुआती चरण में फिजियोथेरेपी करने से कई बार सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ती।
  4. जीवन की गुणवत्ता बेहतर होती है: नियमित व्यायाम और थेरेपी से मरीज अपने दैनिक कार्य आसानी से कर पाता है।

World Arthritis Day 2025 : कुछ प्रमुख उपाय

  • हाइड्रोथेरेपी: गर्म पानी में एक्सरसाइज करने से जोड़ों पर दबाव कम पड़ता है।
  • हीट और कोल्ड थेरेपी: सूजन के लिए ठंडी पट्टी, और जकड़न के लिए गर्म सिकाई फायदेमंद होती है।
  • स्ट्रेचिंग और रेंज ऑफ मोशन एक्सरसाइज: जोड़ की गति को बनाए रखने में मदद करती हैं।
  • स्ट्रेंथ ट्रेनिंग: मांसपेशियों को मजबूत बनाकर जोड़ों पर दबाव घटाती है।
  • अल्ट्रासोनिक थेरेपी: इससे दर्द और सूजन में तेजी से राहत मिलती है।

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World Arthritis Day 2025 : मुख्य लक्षण

  1. जोड़ों में दर्द और सूजन
  2. सुबह उठते समय जकड़न महसूस होना
  3. चलने-फिरने में कठिनाई
  4. घुटनों, कोहनियों और उंगलियों में दर्द का बढ़ना
  5. मौसम बदलने पर दर्द का तेज होना

अगर यह लक्षण लगातार बने रहें, तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है।

World Arthritis Day 2025 : बचाव के घरेलू उपाय

  1. वजन नियंत्रित रखें: अधिक वजन जोड़ों पर दबाव बढ़ाता है।
  2. संतुलित आहार लें: आहार में विटामिन D, कैल्शियम और ओमेगा-3 फैटी एसिड शामिल करें।
  3. नियमित व्यायाम करें: योग, चलना, तैरना या साइकलिंग फायदेमंद है।
  4. ठंड और नमी से बचें: सर्दी में गर्म कपड़े और सिकाई जरूरी है।
  5. लंबे समय तक बैठने से बचें: बीच-बीच में थोड़ा चलें।

World Arthritis Day 2025 : ये गलतियां न करें

  • लंबे समय तक दर्द को नजरअंदाज न करें।
  • खुद से दवाएं लेना बंद करें।
  • गलत मुद्रा में बैठना या भारी वजन उठाना गठिया को बढ़ा सकता है।
  • व्यायाम शुरू करने से पहले फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह जरूर लें।

World Arthritis Day 2025 : मरीजों की बढ़ती संख्या

स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में लगभग 18 करोड़ लोग किसी न किसी रूप में गठिया से पीड़ित हैं। इनमें से 60% महिलाएं हैं। बदलती जीवनशैली, मोटापा, गलत खान-पान और शारीरिक निष्क्रियता इसके प्रमुख कारण हैं।

विश्व गठिया दिवस हमें यह याद दिलाता है कि यह बीमारी केवल उम्र की नहीं, बल्कि जीवनशैली की समस्या भी है। दवाओं पर निर्भर रहने की बजाय अगर हम फिजियोथेरेपी, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम को अपनाएं, तो गठिया को बिना दवा के भी प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है।

डॉक्टरों का कहना है कि “थोड़ी सी दिनचर्या में सावधानी और नियमितता अपनाकर व्यक्ति बिना दर्द के स्वस्थ जीवन जी सकता है।”

 

Seema Gariya

Asst. News Producer (T)

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