राज्य-शहरराजनीति

VB-G RAM-G : मनरेगा नाम बदलने पर सियासत तेज

(VB-G RAM-G) Dehradun : महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) को ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण’ (VB-G RAM-G) में बदलने के केंद्र के फैसले के खिलाफ कांग्रेस पार्टी देशव्यापी आंदोलन शुरू करने जा रही है। उत्तराखंड सहित देश के सभी राज्यों में 10 जनवरी से ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ की शुरुआत होगी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 21 दिसंबर 2025 को VB-G RAM-G विधेयक को मंजूरी दी, जिससे यह कानून बन गया। नए कानून के तहत काम के दिन 100 से बढ़ाकर 125 दिन किए जाएंगे, साप्ताहिक भुगतान की नई व्यवस्था लागू होगी।

हालांकि, केंद्र-राज्य फंडिंग अनुपात 90:10 से बदलकर 60:40 कर दिया गया है, जिसका मतलब है कि राज्यों को अब अधिक वित्तीय बोझ उठाना होगा। पहले केंद्र सरकार 90% खर्च वहन करती थी।

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कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और जयराम रमेश ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि नया कानून “खतरनाक केंद्रीकरण” की रेसिपी है, जहां रोजगार अब कोई अधिकार नहीं रह जाएगा।

जयराम रमेश ने कहा, “यह सिर्फ ‘मनरेगा बचाओ अभियान’ नहीं, बल्कि ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ है। केंद्र सरकार अब दिल्ली से यह तय करेगी कि हर राज्य कितने मजदूरों को रोजगार दे सकता है और वे कहां काम कर सकते हैं।”

कांग्रेस ने 45 दिवसीय तीन चरणों में आंदोलन की योजना बनाई है:

– 8 जनवरी : राज्य कांग्रेस कार्यालयों में तैयारी बैठकें
– 10 जनवरी : प्रत्येक जिले में प्रेस कॉन्फ्रेंस, VB-G RAM-G की सच्चाई बताना
– 11 जनवरी : महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण, जिला मुख्यालयों पर एक दिन का अनशन- 12-29 जनवरी : पंचायत स्तर पर चौपाल, कांग्रेस अध्यक्ष के पत्र ग्रामीणों तक पहुंचाना
– 30 जनवरी (शहीदी दिवस) : वार्ड स्तर पर शांतिपूर्ण धरना, मनरेगा कर्मियों के साथ

VB-G RAM-G

तीसरा चरण (31 जनवरी-25 फरवरी):
– 31 जनवरी-6 फरवरी : जिला मुख्यालयों पर DC/DM कार्यालयों के सामने धरना
– 7-15 फरवरी : विधानसभाओं का घेराव
– 16-25 फरवरी : चार क्षेत्रीय महारैलियां

कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने कहा कि केंद्र सरकार मनरेगा की आत्मा को खत्म करना चाहती है। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ नाम बदलने का मुद्दा नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकारों को खत्म करने की साजिश है।”

केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बचाव करते हुए कहा कि यह बदलाव जमीनी स्तर के लोगों की फीडबैक के आधार पर किया गया है। उन्होंने कहा कि खेती के मौसम में मजदूरों की कमी और गांवों में जल निकासी की समस्याओं को VB-G RAM-G में दूर किया गया है।

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ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि MGNREGA भ्रष्टाचार का पर्याय बन गया था। सामाजिक ऑडिट में 10.51 लाख से अधिक शिकायतें मिली थीं।

चौहान ने कहा, “अगले साल इस योजना के लिए 1,51,282 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे, जिसमें से केंद्र 95,600 करोड़ रुपये देगा।”

कर्नाटक सरकार ने गुरुवार को कैबिनेट बैठक में VB-G RAM-G अधिनियम को लागू नहीं करने का फैसला किया है और इसे अदालत में चुनौती देने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार का कहना है कि यह संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत काम के अधिकार का उल्लंघन है।

पश्चिम बंगाल सरकार ने विरोध में अपनी कर्मश्री योजना का नाम बदलकर महात्माश्री कर दिया और गारंटी को 50 दिन से बढ़ाकर 100 दिन कर दिया।

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विपक्ष की चिंताएं:
– महात्मा गांधी के नाम को हटाना अपमानजनक
– केंद्रीकरण से राज्यों की शक्ति कम होगी
– गरीब राज्यों पर वित्तीय बोझ बढ़ेगा
– मांग-आधारित योजना की जगह आपूर्ति-आधारित व्यवस्था

सरकार का तर्क:
– 125 दिन की गारंटी (100 के बजाय)
– बेहतर ग्रामीण बुनियादी ढांचा
– भ्रष्टाचार में कमी
– साप्ताहिक भुगतान व्यवस्था

मूल योजना का नाम जवाहर रोजगार योजना था, जिसे बाद में NREGA और फिर MGNREGA में बदला गया था। 2005 में UPA सरकार द्वारा शुरू की गई MGNREGA ने दो दशकों तक ग्रामीण भारत में रोजगार गारंटी प्रदान की।

 

Seema Gariya

Asst. News Producer (T)

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