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 Uttrakhand 2025 : रॉटविलर कुत्ते का महिला पर हमला, मालिक गिरफ्तार, बिना लाइसेंस पाल रहा था खतरनाक नस्ल

(Tehelka Desk) Uttrakhand 2025 : 

 पूरा मामला क्या है?

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक खतरनाक Rottweiler  नस्ल के कुत्ते ने एक 42 साल  महिला पर हमला कर दिया। यह घटना सोमवार देर शाम की बताई जा रही है, जब पीड़ित महिला पूजा बिष्ट (काल्पनिक नाम) कॉलोनी के अंदर अपने घर के पास खड़ी थी। तभी अचानक पड़ोसी के घर से रॉटविलर किसी तरह बाहर निकल आया और महिला पर टूट पड़ा।

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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुत्ते ने महिला को गर्दन और हाथ पर कई जगह काटा, जिससे वह बुरी तरह घायल होकर मौके पर ही गिर पड़ी। शोर सुनकर आसपास के लोग दौड़े और किसी तरह कुत्ते को काबू में किया गया। घायल महिला को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

Uttrakhand 2025 :  क्यों खतरनाक मानी जाती है रॉटविलर नस्ल?

रॉटविलर कुत्ते को दुनियाभर में गार्ड डॉग के तौर पर पाला जाता है। यह स्वभाव से बेहद वफादार लेकिन उतना ही आक्रामक भी माना जाता है। कई देशों में इसे पालने के लिए विशेष परमिट या ट्रेनिंग सर्टिफिकेट अनिवार्य है। भारत में भी कई नगर निगम इस नस्ल को खतरनाक सूची में रखते हैं और बिना लाइसेंस इसे पालना गैरकानूनी माना जाता है।

Uttrakhand 2025 :  मालिक के खिलाफ कार्रवाई क्यों?

जांच में पता चला कि रॉटविलर का मालिक, राजीव सक्सेना (काल्पनिक नाम) बिना नगर निगम की अनुमति के इस नस्ल को पाल रहा था। पड़ोसियों ने बताया कि कुत्ता पहले भी कई बार लोगों को डराने की कोशिश कर चुका था लेकिन मालिक ने इसे काबू में रखने के लिए जरूरी इंतजाम नहीं किए थे।

पुलिस ने जब लाइसेंस और वैक्सीनेशन से जुड़े दस्तावेज मांगे तो आरोपी कोई वैध कागज नहीं दिखा सका। इसके बाद तुरंत पशु क्रूरता अधिनियम और IPC की धाराओं के तहत केस दर्ज कर राजीव को गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है।

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Uttrakhand 2025 :  घायल महिला का हाल

पूजा बिष्ट को गर्दन और कंधे पर गहरे जख्म आए हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, समय रहते इलाज मिलने से उनकी जान बच गई, लेकिन संक्रमण का खतरा अभी भी बना हुआ है। पुलिस के मुताबिक, पीड़िता का मेडिकल खर्च मालिक से वसूला जाएगा।

Uttrakhand 2025 :  पड़ोसियों में दहशत

घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। कॉलोनी के लोगों ने बताया कि कई बार मालिक को कुत्ते को ठीक से बांधकर रखने के लिए कहा गया था लेकिन उसने कभी बात नहीं मानी। स्थानीय निवासी अब प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि कॉलोनी में खतरनाक नस्ल के पालतू जानवरों पर सख्ती से रोक लगे और नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।

Uttrakhand 2025 :  नगर निगम की लापरवाही भी उजागर

नगर निगम अधिकारियों ने स्वीकार किया कि रॉटविलर जैसे खतरनाक नस्ल के कुत्तों के पंजीकरण के लिए सख्त नियम हैं लेकिन कई लोग चोरी-छिपे इन्हें पाल लेते हैं। शहर में ऐसे कई पालतू जानवर बिना लाइसेंस के घूम रहे हैं। अब नगर निगम ने सभी कॉलोनियों में पालतू जानवरों का विशेष सर्वे कराने का फैसला लिया है।

Uttrakhand 2025 :  कानून क्या कहता है?

भारत में पशु क्रूरता अधिनियम 1960 और कई राज्यों के नगर निगम कानूनों के तहत खतरनाक पालतू जानवरों को पालने के लिए विशेष लाइसेंस जरूरी है। साथ ही कुत्ते को सार्वजनिक स्थान पर ले जाने से पहले मोजल, चेन और ट्रेंड हैंडलर अनिवार्य हैं। नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना और जेल दोनों का प्रावधान है।

Uttrakhand 2025 :  पेट एक्सपर्ट क्या कहते हैं?

पशु विशेषज्ञों का कहना है कि रॉटविलर जैसी नस्ल को पालना गलत नहीं है लेकिन इसके लिए सही ट्रेनिंग और कंट्रोल जरूरी है। ऐसे कुत्ते जब सही से प्रशिक्षित होते हैं तो परिवार के लिए वफादार होते हैं, लेकिन मालिक की लापरवाही से ये जानलेवा साबित हो सकते हैं।

इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि खतरनाक नस्ल के पालतू जानवरों को पालने में जरा सी लापरवाही कितनी भारी पड़ सकती है। प्रशासन को जहां लाइसेंसिंग सिस्टम को मजबूत करने की जरूरत है, वहीं पालतू जानवर पालने वालों को भी जिम्मेदार बनने की जरूरत है। उम्मीद की जा रही है कि इस केस के बाद लोग सबक लेंगे और बिना लाइसेंस या सुरक्षा इंतजामों के ऐसे कुत्तों को पालने से बचेंगे।

 

pramesh manori

Asst. News Producer (T)

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