उत्तराखंड - उत्तर प्रदेश

UttarakhandNews 2025 : उत्तराखंड की पाँच बड़ी ख़बरें

(Tehelka Desk)UttarakhandNews : 

UttarakhandNews 2025 : श्रम सुधारों से कार्यबल के लिए नए युग की शुरुआत

देहरादून में आयोजित श्रम सुधार कार्यक्रम के दौरान CM Pushkar Singh Dhami  ने कहा कि देश में लागू चार श्रम संहिताएँ भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में श्रम क्षेत्र में दशकों बाद सबसे व्यापक परिवर्तन हो रहे हैं, जिससे न केवल उद्योगों को लाभ मिलेगा बल्कि श्रमिकों की सुरक्षा, वेतन संरचना और सामाजिक सुरक्षा की व्यवस्था भी और मजबूत होगी।

सीएम धामी ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में नौकरी के अवसर बढ़ाने के लिए श्रम सुधार बेहद प्रभावी साबित होंगे। राज्य में बढ़ते निवेश और उद्योगों के विस्तार का श्रेय भी उन्होंने इन सुधारों को दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उद्योगपति, श्रमिक संगठन और अधिकारी मौजूद रहे।

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उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का विज़न तभी साकार होगा जब देश का हर श्रमिक सुरक्षित, सक्षम और सशक्त होगा।”


UttarakhandNews 2025 : शादी समारोह जा रहे शिक्षकों की कार नदी में गिरी

उत्तराखंड के अल्मोड़ा से हल्द्वानी एक शादी में शामिल होने जा रहे तीन शिक्षकों की कार रातीघाट के पास अचानक अनियंत्रित होकर शिप्रा नदी में गिर गई। हादसा शाम करीब सात बजे हुआ। कार गिरने की आवाज सुनते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस कोसूचना दी।

कार गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त पाई गई और अंदर मौजूद तीनों शिक्षकों की मौत हो चुकी थी। बताया गया कि सड़क संकरी है और शाम के समय धुंध के कारण दृश्यता बहुत कम रहती है। फिलहाल पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है और घटना के कारणों की जांच कर रही है।

यह हादसा एक बार फिर उन पहाड़ी मार्गों की खतरनाक स्थिति को उजागर करता है जहां सुरक्षा मानकों की कमी और अपर्याप्त रोशनी के कारण ऐसी दुर्घटनाएँ आम हो गई हैं।


UttarakhandNews 2025 : टेक्सटाइल प्रिंटिंग सीखकर आत्मनिर्भर बन रही ग्रामीण महिलाएँ

बागेश्वर और अल्मोड़ा इलाके में महिलाओं को कौशल विकास से जोड़ने के लिए जन शिक्षण संस्थान की ओर से ‘असिस्टेंट टेक्सटाइल प्रिंटर’ का चार महीने का प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। लगभग 20 महिलाएँ रोजाना उत्साह के साथ प्रशिक्षण ले रही हैं।

प्रशिक्षण में महिलाओं को सब्लिमेशन प्रिंटिंग, स्कैन प्रिंटिंग, फैब्रिक डाइंग, मशीन हैंडलिंग और मार्केटिंग की जानकारी दी जा रही है। इस कौशल से महिलाएँ घर बैठे छोटे पैमाने पर उत्पादन शुरू कर सकती हैं और बाद में स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से अपना व्यवसाय भी बढ़ा सकती हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह प्रशिक्षण पर्वतीय क्षेत्रों में महिलाओं की आर्थिक स्थिति बेहतर करने का महत्वपूर्ण जरिया साबित होगा। इससे रोजगार के स्थानीय अवसर भी बढ़ेंगे और पलायन पर रोक लगेगी।


UttarakhandNews 2025 :  सरकारी अस्पताल में इलाज नहीं

उधम सिंह नगर के कई सरकारी अस्पताल इन दिनों मरीजों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि अस्पतालों में न तो पर्याप्त डॉक्टर हैं और न ही बेसिक सुविधाएँ। कई वार्डों में साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब है। कुछ मरीजों ने तो यह तक कहा कि अस्पताल में भर्ती होने से बेहतर है कि घर पर ही इलाज करा लिया जाए, क्योंकि अस्पताल में इंफेक्शन का खतरा ज्यादा है।

स्थानीय निवासियों ने बताया कि कुछ जगह एक्स-रे मशीनें महीनों से खराब हैं, कई अस्पतालों में दवाओं की कमी है और इमरजेंसी सेवाएँ भी समय पर उपलब्ध नहीं हो पातीं।

अस्पतालों की यह स्थिति स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही को दर्शाती है। जिला प्रशासन ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही अस्पतालों की व्यवस्थाओं में सुधार होगा।

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UttarakhandNews 2025 :  सड़क खराब, ग्रामीणों का हंगामा 

उधम सिंह नगर के ग्रामीण इलाकों में सड़क जर्जर होने के कारण लोगों का गुस्सा भड़क गया। दशकों से मरम्मत न होने के कारण सड़कें उखड़ चुकी हैं और बरसात में बड़े-बड़े गड्ढे तालाब का रूप ले लेते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी छात्रों, किसानों और रोजाना काम के लिए शहर जाने वाले लोगों को हो रही है।

ग्रामीणों ने सड़क की बदहाली के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासन से तत्काल सड़क मरम्मत की मांग की। उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। विरोध कर रहे लोगों ने साफ कहा कि अब परिवार की सुरक्षा खतरे में है, इसलिए सड़क को तुरंत ठीक कराया जाए।

प्रशासन ने प्रदर्शन के बाद मौके का निरीक्षण किया और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया है।


पांचों खबरें अलग-अलग जिलों की हैं, लेकिन इनमें एक बात समान है  विकास, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाएँ आज भी बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।
जहां एक ओर पहाड़ों में महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की नई संभावनाएँ दिख रही हैं, वहीं दूसरी ओर सड़क हादसे, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और बुनियादी ढांचे की कमी चिंता का विषय हैं। देहरादून से लेकर उधम सिंह नगर और अल्मोड़ा तक प्रशासन और जनता दोनों की जिम्मेदारी है कि इन समस्याओं के समाधान में तेजी लाई जाए।


 

Seema Gariya

Asst. News Producer (T)

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