Uttarakhand Panchayat elections 2025 : चमोली में 23 साल के नितिन बने ग्राम प्रधान, टॉस से हुआ फैसला
(Tehelka Desk)Uttarakhand Panchayat elections 2025 :
उत्तराखंड में Panchayat elections की गहमागहमी के बीच चमोली जिले से एक बेहद दिलचस्प खबर सामने आई है, जिसने लोकतंत्र की असल तस्वीर को न केवल जीवंत कर दिया बल्कि लोगों में खासा उत्साह भी भर दिया। यहां ग्राम पंचायत घाट ब्लॉक के एक गांव में प्रधान पद के लिए हुए चुनाव का परिणाम टॉस के जरिए तय किया गया, जिसमें 23 वर्षीय नितिन भंडारी ने जीत हासिल की।
Uttarakhand Panchayat elections 2025 : क्या था पूरा मामला?
चमोली जिले के घाट ब्लॉक अंतर्गत एक ग्राम पंचायत में दो प्रत्याशी, नितिन भंडारी और उनके प्रतिद्वंद्वी को बराबर संख्या में वोट मिले। दोनों के खाते में कुल 86-86 वोट दर्ज किए गए, जिससे चुनाव अधिकारी भी असमंजस में पड़ गए। उत्तराखंड पंचायत चुनाव नियमावली के अनुसार, अगर दो प्रत्याशी बराबरी पर हों तो परिणाम टॉस या लॉटरी के जरिए तय किया जाता है।
इसी प्रक्रिया के तहत निर्वाचन अधिकारियों ने दोनों प्रत्याशियों की सहमति से टॉस करवाया, जिसमें नितिन भंडारी विजेता घोषित किए गए।
Uttarakhand Panchayat elections 2025 : कौन हैं नितिन भंडारी?
- उम्र: 23 वर्ष
- शैक्षणिक योग्यता: स्नातक (बीए)
- पेशा: कृषि और सामाजिक कार्य
- प्रभाव: युवाओं के बीच अच्छी पकड़ और डिजिटल साधनों का बेहतर उपयोग
नितिन ने चुनाव जीतने के बाद कहा, “मैं लोकतंत्र की इस व्यवस्था के लिए आभारी हूं। जीत चाहे टॉस से आई हो, लेकिन मैं पूरे गांव का प्रधान बनकर काम करूंगा और सबका विश्वास जीतूंगा।”
Uttarakhand Panchayat elections 2025 : जनता में खुशी की लहर
इस टॉस आधारित निर्णय को लेकर पहले तो गांव में सन्नाटा रहा, लेकिन जैसे ही नतीजा आया, नितिन समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। गांव वालों ने ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं से नए प्रधान का स्वागत किया। गांव के बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक ने इस अनोखी जीत को “किस्मत और कर्म का मेल” बताया।
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Uttarakhand Panchayat elections 2025 : बड़ी तस्वीर
उत्तराखंड में पंचायत चुनाव तीन चरणों में आयोजित किए जा रहे हैं। चमोली, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग जैसे पर्वतीय जिलों में चुनावी माहौल खासा गर्म है। इस बार ग्रामीण युवाओं ने चुनाव में बढ़-चढ़कर भागीदारी दिखाई है।
प्रमुख बिंदु:
- युवा उम्मीदवारों की संख्या में 30% की वृद्धि
- महिला प्रत्याशियों ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया
- कई जगह वोटिंग प्रतिशत 80% से अधिक रहा
- सोशल मीडिया ने भी प्रचार में निभाई अहम भूमिका
Uttarakhand Panchayat elections 2025 : टॉस से फैसला
उत्तराखंड पंचायती राज अधिनियम के अंतर्गत, जब दो प्रत्याशियों को समान संख्या में वोट मिलते हैं, तो निर्णय लॉटरी या टॉस द्वारा लिया जाता है। यह पारदर्शी प्रक्रिया निर्वाचन अधिकारियों की देखरेख में, दोनों उम्मीदवारों की सहमति से पूरी की जाती है।
इस मामले में भी नितिन और उनके प्रतिद्वंद्वी ने इस प्रक्रिया को पूरी गरिमा के साथ स्वीकार किया।
Uttarakhand Panchayat elections 2025 : चुनाव का मानवीय चेहरा
इस पूरे चुनाव ने यह साबित कर दिया कि लोकतंत्र केवल सत्ता पाने का माध्यम नहीं, बल्कि भरोसे, सम्मान और भागीदारी का प्रतीक है। नितिन की जीत उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो ग्रामीण स्तर पर राजनीति में प्रवेश करना चाहते हैं।
इसके साथ ही, टॉस जैसी प्रक्रिया को भी ग्रामीण जनता ने पूरी संवेदनशीलता और लोकतांत्रिक भावना के साथ स्वीकार किया।
चमोली का यह मामला इस बात का उदाहरण है कि लोकतंत्र में हर वोट की कीमत होती है, और कभी-कभी निर्णय केवल किस्मत पर भी निर्भर हो सकता है। नितिन भंडारी की जीत ने यह भी दिखा दिया कि युवा अब केवल दर्शक नहीं, बल्कि नीति निर्धारण का हिस्सा बनने को तैयार हैं।


