Uttarakhand News 2025 : उत्तराखंड की पांच बड़ी खबरे

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(Tehelka Desk)Uttarakhand News 2025 :
Uttarakhand News 2025 : हरक सिंह रावत की ‘कुंडली विवाद’ पर सियासी घमासान
उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर चर्चाओं का केंद्र बने हैं पूर्व कैबिनेट मंत्री Dr. Harak Singh Rawat । भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने उन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि “हरक सिंह की कुंडली में नाड़ी षडाष्टक दोष लगा है, इसलिए किसी भी राजनीतिक पार्टी में उनका टिकना असंभव है।”
यह बयान प्रदेश की राजनीति में एक नए तूफान जैसा माना जा रहा है। हरक सिंह का राजनीतिक सफर हमेशा विवादों के साथ रहा है—कांग्रेस से बीजेपी और फिर कांग्रेस में वापसी, और बीच-बीच में कई बार पार्टी लाइन बदलना।
भट्ट के इस कटाक्ष के बाद दोनों दलों के समर्थक सोशल मीडिया पर आमने-सामने हो गए। कांग्रेस नेता इसे बीजेपी की बौखलाहट बता रहे हैं जबकि बीजेपी इसे हरक सिंह के “अस्थिर चरित्र” का प्रमाण कह रही है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि आगामी चुनावों से पहले ऐसे बयान उत्तराखंड की राजनीति को और तेज गर्माएंगे।
Uttarakhand News 2025 : बारिश–बर्फबारी की दोहरी चेतावनी
उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने अलर्ट जारी करते हुए बताया कि अगले 24 घंटों में कई जिलों—उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और बागेश्वर—में हल्की से मध्यम बारिश और ऊँचाई वाले इलाकों में बर्फबारी संभव है।
मैदानी क्षेत्रों जैसे देहरादून, हरिद्वार, उधमसिंह नगर और नैनीताल में बादल छाए रहने और ठंड बढ़ने की चेतावनी है।
मौसम विभाग ने यह भी साफ किया कि 8 दिसंबर को मौसम और ज्यादा खराब हो सकता है। पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी का दौर तेज़ होने और कई स्थानों पर तापमान में 3–4 डिग्री की गिरावट की आशंका है।
चारधाम यात्रा मार्गों—गंगोत्री, यमुनोत्री, बदरीनाथ और केदारनाथ—में यात्रियों और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
सड़क मार्ग बाधित होने की आशंका के चलते लोक निर्माण विभाग ने मशीनरी अलर्ट मोड पर रखी है। पर्यटन कारोबारियों के लिए यह मौसम एक चुनौती और अवसर दोनों लेकर आया है—बर्फबारी से पर्यटक बढ़ेंगे, लेकिन रास्ते बाधित होने पर मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं।
Uttarakhand News 2025 : उत्तराखंड की पाँच बड़ी खबरें
Uttarakhand News 2025 : विधायक नाराज़, पुलिस के खिलाफ मोर्चा
उधम सिंह नगर जिले की राजनीति में एक बड़ा विवाद पैदा हो गया है। जिले के एक विधायक ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया है।
विधायक का आरोप है कि पुलिस उनकी बात नहीं सुन रही, क्षेत्र में बढ़ रहे अपराधों पर कार्रवाई नहीं की जा रही और जनता की शिकायतें भी अनदेखी की जा रही हैं। इसी विरोध के चलते उन्होंने आज धरने पर बैठने की घोषणा कर दी है।
विधायक का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारी फोन नहीं उठाते, कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति होती है और जनता परेशान हो रही है।
जिले के एसएसपी ने बताया कि पुलिस ने हर शिकायत पर कार्रवाई की है और विधायक से बातचीत की कोशिश की जाएगी।
यह घटनाक्रम प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के संबंधों के बीच बढ़ती खाई को दिखाता है। इससे जिले की कानून–व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जनप्रतिनिधि और प्रशासन एक-दूसरे से भिड़ जाएंगे तो उसका असर सीधे जनता पर पड़ेगा।
Uttarakhand News 2025 : मोर्चरी में संवेदनहीनता
हरिद्वार से एक बेहद संवेदनशील और शर्मनाक मामला सामने आया है। जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखे एक शव को चूहों ने बुरी तरह नोंच दिया।
परिजन जब पोस्टमार्टम के बाद शव लेने पहुंचे तो उन्होंने देखा कि मृतक की एक आंख गायब थी और शरीर पर कई जगह कटाव के निशान थे। यह दृश्य देखकर परिवार सदमे में चला गया और उनका गुस्सा फूट पड़ा।
परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मोर्चरी की स्थिति लंबे समय से खराब है—दरवाजे टूटे हैं, सफाई नहीं होती और सुरक्षा के कोई इंतज़ाम नहीं हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जांच के आदेश दे दिए हैं।
यह घटना राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल रही है। आखिर शवगृह जैसी संवेदनशील जगह पर यह लापरवाही कैसे हो सकती है? सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह पहली बार हुआ है या पहले भी ऐसी घटनाएं छुपाई जाती रही हैं?
Uttarakhand News 2025 : राज्य में व्यवस्था, मौसम और राजनीति
इन सभी खबरों को जोड़कर देखा जाए तो उत्तराखंड इस समय तीन स्तर पर उथल-पुथल से गुजर रहा है—
- राजनीतिक संघर्ष, जहां नेताओं की बयानबाज़ी और बढ़ती बयानबाज़ी माहौल गर्म कर रही है।
- मौसम का बदलता स्वरूप, जिससे पर्वतीय जिलों में चुनौतियाँ बढ़ रही हैं।
- व्यवस्था और प्रशासन, जहां मोर्चरी घोटाले और पुलिस–विधायक विवाद जैसे मामले सवाल खड़े कर रहे हैं।
राज्य की जनता उम्मीद कर रही है कि सरकार, प्रशासन और जनप्रतिनिधि मिलकर इन चुनौतियों का समाधान निकालेंगे और व्यवस्था मजबूत होगी।


