SIT Investigation 2025 : पीडब्ल्यूडी के बड़े अफसर अरेस्ट, 73 करोड़ की सड़क में भारी घोटाला
(Tehelka Desk)SIT Investigation 2025 :
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में पत्रकारिता की जान जोखिम में डालने वाले पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड में एक और बड़ा मोड़ आया है। गंगालूर-मितलूर सड़क निर्माण से जुड़े 73 करोड़ के घोटाले में कथित संलिप्तता के आरोप में PWD विभाग के पांच वरिष्ठ अधिकारियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से एक बार फिर यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या ईमानदार पत्रकारों की आवाज़ को दबाने के लिए सत्ता और सिस्टम एकजुट हो जाते हैं?
SIT Investigation 2025 : पत्रकार की हत्या से खुला भ्रष्टाचार का बड़ा खेल
बीजापुर के गंगालूर थाना क्षेत्र में नेलसनार-कोड़ोली-मिरतुर-गंगालूर सड़क का निर्माण कार्य वर्ष 2010 में स्वीकृत हुआ था, जिसकी लागत लगभग ₹73 करोड़ थी। निर्माण कार्य के दौरान गुणवत्ता में भारी कमी और भ्रष्टाचार की खबरें लगातार सामने आ रही थीं।
पत्रकार मुकेश चंद्राकर ने इस घोटाले को उजागर करने की जिम्मेदारी ली और निरंतर रिपोर्टिंग की। लेकिन यह साहस उन्हें भारी पड़ा। 1 जनवरी 2025 की रात से वह लापता हो गए। कुछ दिन बाद उनका शव ठेकेदार सुरेश चंद्राकर के घर में बने सेप्टिक टैंक से बरामद हुआ, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया।
SIT Investigation 2025 : हत्याकांड की जांच से निकला घोटाले का धागा
मुकेश चंद्राकर की हत्या के मामले में पुलिस ने शुरुआती जांच के दौरान ठेकेदार सुरेश चंद्राकर, उसके भाई रितेश और दिनेश चंद्राकर, तथा सुपरवाइज़र महेंद्र रामटेके को गिरफ्तार किया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे एसआईटी (विशेष जांच दल) को सौंपा गया। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, सड़क निर्माण में हुई अनियमितताओं के ठोस सबूत सामने आते गए, और जांच की दिशा धीरे-धीरे PWD विभाग के बड़े अफसरों की ओर मुड़ गई।
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SIT Investigation 2025 : अब तक की सबसे बड़ी गिरफ्तारी
अब इस हत्याकांड के तार उस सड़क घोटाले से जुड़ गए हैं, जिसकी पोल खुद मुकेश चंद्राकर खोल रहे थे। पुलिस ने अब तक जिन पांच अधिकारियों को गिरफ्तार किया है, वे हैं:
- डी.आर. साहू (रिटायर्ड कार्यपालन अभियंता)
- वी.के. चौहान (रिटायर्ड कार्यपालन अभियंता)
- एच.एन. पात्र (तत्कालीन ईई)
- प्रमोद सिंह कंवर (एसडीओ)
- संतोष दास (उप अभियंता)
इसके अलावा कुछ अधिकारी पहले से ही अग्रिम जमानत पर चल रहे हैं। इन अधिकारियों में शामिल हैं:
- बी.एल. ध्रुव (तत्कालीन ईई)
- आर.के. सिन्हा (एसडीओ)
- जी.एस. कोडोपी (उप अभियंता)
SIT Investigation 2025 : एसपी की पुष्टि
बीजापुर के एसपी डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा कि जांच अभी भी जारी है और आने वाले समय में और भी नाम सामने आ सकते हैं।
बाइट: डॉ. जितेंद्र यादव, एसपी, बीजापुर:
“सड़क निर्माण कार्य में भारी गड़बड़ी के प्रमाण मिले हैं। जांच में कुछ अफसरों की संलिप्तता स्पष्ट हुई है, जिन्हें गिरफ्तार किया गया है। बाकी की भूमिका भी खंगाली जा रही है।”
SIT Investigation 2025 : पत्रकार सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस हत्याकांड ने एक बार फिर पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। मुकेश चंद्राकर की हत्या न सिर्फ एक पत्रकार की चुप्पी थी, बल्कि एक ईमानदार आवाज को कुचलने की कोशिश भी थी। यह मामला बताता है कि घोटालों में लिप्त ताकतवर लोग कितने खतरनाक हो सकते हैं, और उनके खिलाफ बोलने वालों की ज़िंदगी कितनी असुरक्षित है।
राज्य सरकार और पत्रकार संगठनों से अब इस बात की मांग की जा रही है कि:
- दोषियों को जल्द सजा मिले
- पत्रकार सुरक्षा कानून पर अमल हो
- सड़क निर्माण जैसे प्रोजेक्ट्स की निष्पक्ष ऑडिट हो
मुकेश चंद्राकर की हत्या एक साधारण क्राइम नहीं, बल्कि एक सिस्टमेटिक प्लान था भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने की कीमत। अब जबकि जांच आगे बढ़ रही है और अधिकारियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, इस मामले में न्याय की उम्मीद फिर से जगी है।


