Shivratri Bhadra 2025 : भद्रा के साये में सावन शिवरात्रि, जानें शुभ मुहूर्त और कब करें भोलेनाथ का जलाभिषेक
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(Tehelka Desk)Shivratri Bhadra 2025 :
क्या है विशेषता?
हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन मास की Sawan Shivratri का विशेष महत्व होता है। यह व्रत और पूजा भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। सावन के पूरे महीने में शिवभक्त भगवान भोलेनाथ को जल अर्पण करते हैं, लेकिन शिवरात्रि के दिन किए गए जलाभिषेक और रुद्राभिषेक से विशेष फल की प्राप्ति होती है। इस वर्ष सावन शिवरात्रि पर भद्रा का साया पड़ रहा है, जिससे पूजा के मुहूर्त को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
Shivratri Bhadra 2025 : सावन शिवरात्रि 2025 की तिथि और समय
- तिथि: 23 जुलाई 2025 (बुधवार)
- चतुर्दशी तिथि प्रारंभ: 23 जुलाई सुबह 10:15 बजे
- चतुर्दशी समाप्त: 24 जुलाई सुबह 8:05 बजे
- भद्रा काल: 23 जुलाई दोपहर 12:02 से रात 11:40 बजे तक
महत्वपूर्ण बात : भद्रा काल में शिवपूजन वर्जित माना जाता है। इसलिए जलाभिषेक और रुद्राभिषेक का शुभ समय भद्रा समाप्त होने के बाद ही है।
कब करें जलाभिषेक?
- सर्वश्रेष्ठ जलाभिषेक मुहूर्त:
रात 11:40 बजे के बाद से लेकर अगली सुबह 04:30 बजे तक (24 जुलाई)
इस दौरान किए गए शिव पूजन और जलाभिषेक से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। यह समय निशिता काल कहलाता है, जिसे शिव पूजा के लिए सर्वोत्तम माना गया है।
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Shivratri Bhadra 2025 : शिवरात्रि पूजन विधि
- स्नान कर साफ वस्त्र पहनें और उपवास का संकल्प लें।
- मंदिर जाकर या घर पर शिवलिंग की स्थापना करें।
- जल, दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से अभिषेक करें।
- बेलपत्र, भस्म, धतूरा, आक का फूल, अक्षत अर्पित करें।
- “ॐ नमः शिवाय” का जाप करें और शिव चालीसा पढ़ें।
- रात्रि के चार प्रहरों में पूजा करें, अंतिम प्रहर में आरती और भोग लगाएं।
Shivratri Bhadra 2025 : भद्रा काल में क्या न करें?
- कोई भी मांगलिक कार्य या विशेष पूजा भद्रा काल में नहीं करनी चाहिए।
- जलाभिषेक या रुद्राभिषेक से परहेज करें, क्योंकि भद्रा को अशुभ काल माना जाता है।
- इस दौरान केवल मंत्र जाप और मानसिक पूजा की जा सकती है।
Shivratri Bhadra 2025 : सावन शिवरात्रि का महत्व
- मान्यता है कि इसी दिन माता पार्वती और भगवान शिव का विवाह हुआ था।
- भगवान शिव को प्रसन्न करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।
- इस दिन व्रत रखने से वैवाहिक जीवन सुखमय होता है, और कुंवारी कन्याओं को योग्य वर की प्राप्ति होती है।
- यह दिन संतान प्राप्ति, आर्थिक समृद्धि और मोक्ष देने वाला भी माना जाता है।
Shivratri Bhadra 2025 : क्या करें इस दिन:
- रुद्राभिषेक जरूर करें
- शिव चालीसा, महामृत्युंजय मंत्र और रुद्राष्टक का पाठ करें
- जरूरतमंदों को वस्त्र या भोजन का दान करें
- रात्रि जागरण और शिव कथा श्रवण करें
सावन शिवरात्रि 2025 का पर्व भगवान शिव की कृपा पाने का सुनहरा अवसर है। इस बार भद्रा के कारण भक्तों को जलाभिषेक के शुभ मुहूर्त का विशेष ध्यान रखना होगा। भद्रा काल के समाप्त होते ही निशिता काल में शिव की आराधना करना सर्वोत्तम रहेगा। जो भी सच्चे मन से उपवास रखकर शिव आराधना करता है, भगवान भोलेनाथ उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।


