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Rudraprayag : अलकनंदा नदी में गिरी बस, बद्रीनाथ हाईवे पर मचा कोहराम

(Tehelka Desk)Rudraprayag : 

तीर्थयात्रियों से भरी बस अलकनंदा नदी में गिरी

उत्तराखंड के Rudraprayag जनपद में बुधवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। तीर्थयात्रियों से भरी एक बस अनियंत्रित होकर अलकनंदा नदी में जा गिरी। यह हादसा बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-7) पर हुआ। बताया जा रहा है कि बस में करीब 25 से 30 यात्री सवार थे, जिनमें से कई लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

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बस तीर्थयात्रियों को लेकर हरिद्वार से बद्रीनाथ धाम जा रही थी। जैसे ही वाहन रुद्रप्रयाग से करीब 10 किलोमीटर आगे सिरोबगड़ क्षेत्र में पहुंचा, चालक ने संतुलन खो दिया और बस सीधे खाई में गिरकर अलकनंदा नदी में समा गई।

Rudraprayag : चीख-पुकार से गूंजा घाटी का इलाका

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ। बस अचानक सड़क से नीचे लुढ़कती चली गई और तेज गति से बहती अलकनंदा नदी में जा गिरी। इस भयावह दृश्य को देख स्थानीय लोग और यात्रियों के वाहन चालक मदद के लिए दौड़े।

कुछ यात्रियों को नदी किनारे बहाव से बचा लिया गया, लेकिन कई यात्रियों के शव पानी में बह गए। SDRF, पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया।

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Rudraprayag :  मृतकों और घायलों की संख्या

घटनास्थल से अब तक मिली जानकारी के अनुसार

  • मृतक: 12 यात्रियों की मौत की पुष्टि हुई है
  • घायल: 15 से अधिक लोग घायल हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है
  • लापता: नदी की तेज धार में कई लोग बह गए हैं, जिनकी तलाश जारी है

घायलों को तुरंत नजदीकी जिला अस्पताल और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। कुछ को हेलिकॉप्टर की मदद से देहरादून रेफर किया गया।

Rudraprayag :  कैसे हुआ हादसा

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि बस के ब्रेक फेल हो गए थे। चालक ने जैसे ही एक तीखा मोड़ पार किया, वाहन नियंत्रण से बाहर हो गया और सड़क की रेलिंग तोड़ते हुए करीब 200 मीटर गहरी खाई में गिरा।

बताया जा रहा है कि बस की स्थिति पहले से खराब थी और उसने कुछ किलोमीटर पहले से ही आवाजें देनी शुरू कर दी थीं। कुछ यात्रियों ने चालक से बस रोकने का अनुरोध भी किया था, लेकिन चालक ने इसे नजरअंदाज कर दिया।

Rudraprayag :  प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया

जैसे ही सूचना मिली, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और एसपी प्रमेंद्र डोभाल घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने बचाव कार्यों की निगरानी की और प्रभावित परिवारों से मुलाकात की।

एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड और स्थानीय प्रशासन के संयुक्त दलों ने नदी में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। जलस्तर अधिक होने के कारण राहत कार्यों में दिक्कतें आ रही हैं।

Rudraprayag :  मुख्यमंत्री ने जताया दुख, उच्चस्तरीय जांच के आदेश

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और गंभीर रूप से घायलों को ₹50,000 की सहायता राशि देने की घोषणा की।

साथ ही मुख्यमंत्री ने हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है। उन्होंने परिवहन विभाग को आदेश दिया कि सभी चारधाम रूट पर चलने वाले वाहनों की तत्काल तकनीकी जांच कराई जाए।

Rudraprayag :  सवालों के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था

यह हादसा फिर से इस सवाल को सामने लाता है कि क्या चारधाम यात्रा के दौरान पर्याप्त सुरक्षा इंतज़ाम किए जा रहे हैं? हर साल हजारों श्रद्धालु इन पवित्र स्थलों की यात्रा पर निकलते हैं, लेकिन सड़कें संकरी और खस्ताहाल बनी हुई हैं।

  • क्या वाहनों की फिटनेस की सही से जांच की जाती है?
  • क्या चालकों को पर्याप्त प्रशिक्षण दिया जा रहा है?
  • क्या खतरनाक मोड़ों और पुलों पर सुरक्षा बैरिकेडिंग है?

इन तमाम सवालों के जवाब प्रशासन और सरकार को देने होंगे।

Rudraprayag :  स्थानीय लोगों और यात्रियों में आक्रोश

घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि सिरोबगड़ क्षेत्र पहले भी कई हादसों का गवाह बन चुका है। इसके बावजूद यहां कोई स्थायी सुधार नहीं किया गया है।

घटना के बाद यात्रियों ने सड़क पर जाम लगा दिया और हादसे के विरोध में प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। वे मांग कर रहे हैं कि:

  • खतरनाक मोड़ों पर चे तावनी बोर्ड लगाए जाएं
  • सभी बसों की फिटनेस जांच हो
  • पुराने और जर्जर वाहनों को रूट पर चलने से रोका जाए

Rudraprayag :  बचाव अभियान अब भी जारी

रात तक सर्च ऑपरेशन जारी रहा। गोताखोरों की मदद से नदी में लापता लोगों की तलाश की जा रही है। SDRF कमांडर ने बताया कि अंधेरा और नदी की तेज धार राहत कार्यों को चुनौतीपूर्ण बना रही है, लेकिन वे पूरी कोशिश कर रहे हैं।

Rudraprayag :  श्रद्धालु यात्रा बनी जीवन का अंतिम सफर

रुद्रप्रयाग में हुआ यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की लापरवाही का परिणाम है। तीर्थयात्रा पर निकले श्रद्धालुओं की जान लेने वाली इस घटना ने उत्तराखंड के चारधाम यात्रा मार्गों की खामियों को उजागर कर दिया है।

जब तक सड़क सुरक्षा, वाहन फिटनेस और प्रशासनिक सतर्कता सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक ऐसी दुर्घटनाएं हमें बार-बार रुलाती रहेंगी।

 

 

pramesh manori

Asst. News Producer (T)

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