Road Accident Jammu 2025 : डोडा के पोंडा में खाई में गिरा टेंपों ट्रेवलर, पांच यात्रियों की मौत, कई घायल
Headings
- 1 Tesla India 2025 : मुंबई के बीकेसी में टेस्ला का पहला शोरूम लॉन्च, इलेक्ट्रिक कार बाजार में हलचल तेज
- 1.0.1 Road Accident Jammu 2025 : चश्मदीदों ने क्या बताया?
- 1.0.2 Road Accident Jammu 2025 : जिम्मेदारी का सवाल
- 1.0.3 Road Accident Jammu 2025 : पीड़ित परिवारों में मातम
- 1.0.4 Road Accident Jammu 2025 : मुआवजे का ऐलान
- 1.0.5 Road Accident Jammu 2025 : प्रशासन ने क्या कहा?
- 1.0.6 Road Accident Jammu 2025 : हादसे के सबक
(Tehelka Desk) Road Accident Jammu 2025 :
कहाँ हुआ हादसा?
Jammu and Kashmir के डोडा जिले के पोंडा इलाके में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। यात्रियों से भरा एक टेंपों ट्रेवलर अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गया। हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई यात्री गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस, एसडीआरएफ और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चलाया गया।
Road Accident Jammu 2025 : कैसे हुआ हादसा?
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, यह टेंपों ट्रेवलर डोडा से भद्रवाह की तरफ जा रहा था। पहाड़ी इलाका होने के कारण सड़कें बेहद संकरी और घुमावदार हैं। बताया जा रहा है कि पोंडा के पास एक तीखे मोड़ पर ड्राइवर वाहन पर नियंत्रण खो बैठा, जिससे यह गाड़ी सड़क से फिसलकर करीब 200 फीट गहरी खाई में जा गिरी।
Road Accident Jammu 2025 : कितने लोग थे सवार?
हादसे के वक्त वाहन में करीब 14 यात्री सवार थे। पांच की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि शेष घायलों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया है। कुछ घायलों की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। जिला प्रशासन ने तुरंत हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दी और जिला अस्पताल में अतिरिक्त मेडिकल स्टाफ तैनात कर दिया गया है।
Road Accident Jammu 2025 : रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे जवान
डोडा पुलिस, SDRF, फायर ब्रिगेड और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। पहाड़ी इलाका होने की वजह से राहत कार्य में काफी दिक्कतें आ रही हैं। खाई में फंसे लोगों को स्ट्रेचर और रस्सियों की मदद से ऊपर लाया जा रहा है।
डोडा के एसपी ने बताया कि, “फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है। गंभीर घायलों को जम्मू एयरलिफ्ट करने की तैयारी है।”
Tesla India 2025 : मुंबई के बीकेसी में टेस्ला का पहला शोरूम लॉन्च, इलेक्ट्रिक कार बाजार में हलचल तेज
Road Accident Jammu 2025 : चश्मदीदों ने क्या बताया?
हादसे के वक्त सड़क से गुजर रहे एक राहगीर ने बताया, “मैंने अचानक देखा कि टेंपों ट्रेवलर तेज स्पीड में मोड़ पर आया और अनियंत्रित होकर खाई में गिर गया। कुछ लोगों ने तुरंत पुलिस को फोन किया। तब तक कुछ लोग नीचे खाई में उतर चुके थे।”
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह रास्ता बेहद खतरनाक माना जाता है और पहले भी यहां ऐसे कई हादसे हो चुके हैं।
Road Accident Jammu 2025 : जिम्मेदारी का सवाल
हादसे के बाद प्रशासन पर सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पोंडा इलाके में सड़कों की हालत बेहद खराब है और सड़क के किनारों पर गार्ड रेलिंग तक नहीं है। कई जगहों पर चेतावनी बोर्ड भी नहीं लगे हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से तुरंत इस सड़क की मरम्मत और सुरक्षा उपायों को पुख्ता करने की मांग की है।
Road Accident Jammu 2025 : पीड़ित परिवारों में मातम
हादसे की खबर सुनते ही मृतकों और घायलों के परिवारों में कोहराम मच गया। कई लोग अस्पताल पहुंचे हैं। मृतकों की पहचान अभी तक पूरी तरह नहीं हो पाई है। जिला प्रशासन ने कहा है कि मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
Road Accident Jammu 2025 : मुआवजे का ऐलान
डोडा के डीसी ने हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को 5 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है। घायलों के इलाज का पूरा खर्च प्रशासन उठाएगा। राज्य सरकार ने भी हादसे पर दुख जताते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
Road Accident Jammu 2025 : प्रशासन ने क्या कहा?
डोडा के एसडीएम ने कहा, “यह बेहद दुखद घटना है। फिलहाल हमारी पहली प्राथमिकता घायलों का इलाज और रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा करना है। सड़क की सुरक्षा को लेकर संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं।”
Road Accident Jammu 2025 : हादसे के सबक
डोडा जैसे दुर्गम इलाकों में सड़क सुरक्षा एक बड़ी चुनौती है। हर साल ऐसे हादसे कई परिवारों को तबाह कर जाते हैं। स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि इन दुर्गम सड़कों पर साइन बोर्ड, गार्ड रेलिंग और नियमित मरम्मत जरूरी है।
जम्मू-कश्मीर के डोडा में हुआ यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा की हकीकत को सामने लाता है। पहाड़ी इलाकों में लापरवाह ड्राइविंग और कमजोर सड़क ढांचा लोगों की जान पर भारी पड़ता है। अब देखना होगा कि प्रशासन हादसे के असली कारणों की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करता है या नहीं।


