
Republic Day देहरादून : 77वां गणतंत्र दिवस पूरे देश के साथ उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न सरकारी परिसरों में ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस वर्ष गणतंत्र दिवस का महत्व और भी बढ़ गया, क्योंकि राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने का ऐतिहासिक उत्सव भी साथ-साथ मनाया जा रहा है।
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आज सोमवार को मुख्यमंत्री आवास और लोकभवन में विशेष ध्वजारोहण समारोह आयोजित हुए। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में तिरंगा फहराया, और लोकभवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि.) गुरमीत सिंह ने ध्वजारोहण किया। ध्वजारोहण के पश्चात मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री आवास के कर्मचारियों को संविधान की शपथ दिलाई और प्रदेश व देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं।
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने भी प्रदेश और देशवासियों को Republic Day की बधाई देते हुए कहा कि 77वां गणतंत्र दिवस अमृत काल में संकल्प और राष्ट्र निर्माण की नई ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने देश की एकता और अखंडता के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों और वीर शहीदों को नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत हर क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्टार्टअप संस्कृति, रक्षा उत्पादन, अंतरिक्ष तकनीक, हरित ऊर्जा और सैन्य शक्ति के क्षेत्र में भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और डिजिटल इंडिया जैसे अभियानों के चलते भारत आज वैश्विक सप्लाई चेन में एक विश्वसनीय भागीदार बन चुका है।(Republic Day)
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समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर बोलते हुए राज्यपाल ने कहा कि संविधान निर्माताओं के सपने को साकार करते हुए उत्तराखंड ने यह साबित किया है कि सशक्त लोकतंत्र में कानून सभी के लिए समान होना चाहिए। यूसीसी के माध्यम से राज्य ने महिलाओं को सुरक्षा, समानता और न्याय का मजबूत कानूनी आधार प्रदान किया है, जिससे उत्तराधिकार, विवाह और सामाजिक मामलों में भेदभाव समाप्त हुआ है।(Republic Day)
उन्होंने कहा कि आज का युग तकनीक का युग है, जहां डिजिटल इंडिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी आने वाले भविष्य की दिशा तय करेंगे। हालांकि तकनीक स्वयं लक्ष्य नहीं, बल्कि मानव जीवन को सरल, सुरक्षित और सशक्त बनाने का माध्यम है—इसी सोच के साथ आगे बढ़ना समय की आवश्यकता है।


