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Ram Sutar Death 2025 : स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के शिल्पकार राम सुतार का निधन, 100 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

(Tehelka Desk)Ram Sutar Death 2025 :

भारतीय कला जगत को अपूरणीय क्षति, मूर्तिकला के क्षेत्र में एक युग का अंत

भारत के प्रख्यात मूर्तिकार और विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा Statue of Unity के शिल्पकार राम सुतार का 100 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन से न केवल भारतीय कला जगत बल्कि देश की सांस्कृतिक विरासत को भी गहरा आघात पहुंचा है। राम सुतार को आधुनिक भारत के सबसे महान मूर्तिकारों में गिना जाता है, जिनकी कला ने भारत की पहचान को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयां दीं।

राम सुतार का जीवन साधना, अनुशासन और सृजन का प्रतीक रहा। उन्होंने अपने लंबे जीवनकाल में सैकड़ों मूर्तियों का निर्माण किया, जिनमें भारत के महान नेताओं, समाज सुधारकों और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों की प्रतिमाएं शामिल हैं। उनकी सबसे चर्चित और ऐतिहासिक कृति सरदार वल्लभभाई पटेल की स्टैच्यू ऑफ यूनिटी है, जो गुजरात के केवड़िया में नर्मदा नदी के किनारे स्थित है और 182 मीटर ऊंची है। यह प्रतिमा न केवल स्थापत्य का अद्भुत उदाहरण है, बल्कि भारत की एकता और अखंडता का भी प्रतीक मानी जाती है।

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Ram Sutar Death 2025 : साधारण परिवार से असाधारण सफर

राम सुतार का जन्म वर्ष 1925 में मध्य प्रदेश के एक साधारण परिवार में हुआ था। बचपन से ही उन्हें मिट्टी, पत्थर और आकृतियों से विशेष लगाव था। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने हुनर को पहचाना और उसे निखारने के लिए अथक मेहनत की। उनकी प्रतिभा ने जल्द ही सबका ध्यान खींचा और वे मुंबई के प्रतिष्ठित जे. जे. स्कूल ऑफ आर्ट पहुंचे, जहां से उन्होंने मूर्तिकला की औपचारिक शिक्षा प्राप्त की।

यहीं से उनके पेशेवर जीवन की शुरुआत हुई और उन्होंने भारतीय मूर्तिकला को एक नई दिशा दी। उनके काम में भारतीय परंपरा, यथार्थवाद और भावनात्मक गहराई का अनूठा संगम देखने को मिलता है।


Ram Sutar Death 2025 : मूर्तियों में बसती थी आत्मा

राम सुतार का मानना था कि मूर्ति केवल पत्थर या धातु की आकृति नहीं होती, बल्कि उसमें उस व्यक्तित्व की आत्मा, विचार और भावनाएं समाहित होनी चाहिए। यही कारण है कि उनकी बनाई मूर्तियां जीवंत प्रतीत होती हैं।
महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, डॉ. भीमराव आंबेडकर, इंदिरा गांधी और सरदार पटेल जैसी विभूतियों की मूर्तियों में उनकी कलात्मक दृष्टि स्पष्ट झलकती है।

देश ही नहीं, विदेशों में भी उनकी मूर्तियां स्थापित हैं, जो भारतीय कला की पहचान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूती देती हैं।

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Ram Sutar Death 2025 : स्टैच्यू ऑफ यूनिटी: ऐतिहासिक उपलब्धि

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी राम सुतार के जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। इतनी विशाल प्रतिमा को आकार देना तकनीकी, स्थापत्य और कलात्मक—तीनों ही दृष्टियों से एक बड़ी चुनौती थी। 90 वर्ष से अधिक की उम्र में भी राम सुतार की सक्रिय भूमिका, उनकी सोच और अनुभव ने इस परियोजना को सफल बनाया।

उन्होंने सरदार पटेल के व्यक्तित्व, चेहरे की भाव-भंगिमा और शरीर की बनावट पर विशेष ध्यान दिया, ताकि प्रतिमा में दृढ़ता, नेतृत्व और राष्ट्रभक्ति का भाव स्पष्ट दिखाई दे।


Ram Sutar Death 2025 : सम्मान और उपलब्धियां

राम सुतार को उनके अतुलनीय योगदान के लिए कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से नवाजा गया। उन्हें पद्म भूषण और पद्म विभूषण जैसे देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों से सम्मानित किया गया।
हालांकि, वे हमेशा कहते थे कि उनके लिए सबसे बड़ा पुरस्कार लोगों का स्नेह और उनकी कला का सम्मान है।


Ram Sutar Death 2025 : देशभर में शोक की लहर

राम सुतार के निधन की खबर सामने आते ही कला, राजनीति और संस्कृति जगत में शोक की लहर दौड़ गई। प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। सोशल मीडिया पर भी लोग उनकी कृतियों की तस्वीरें साझा कर उन्हें याद कर रहे हैं और उनके योगदान को नमन कर रहे हैं।

Ram Sutar Death 2025 : अमर रहेगी कला, जीवित रहेगी विरासत

राम सुतार भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी कला, उनकी सोच और उनकी बनाई मूर्तियां उन्हें सदैव जीवित रखेंगी। आने वाली पीढ़ियों के लिए उनका जीवन एक प्रेरणा है, जो यह सिखाता है कि सच्ची मेहनत और समर्पण से साधारण व्यक्ति भी असाधारण इतिहास रच सकता है।

 

Seema Gariya

Asst. News Producer (T)

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