Protests against Prayagraj administration : प्रयागराज प्रशासन के खिलाफ हरिद्वार में प्रदर्शन, शंकराचार्य समर्थकों ने मुंडन कराकर जताया विरोध

Protests against Prayagraj administration हरिद्वार: माघ मेले के दौरान प्रयागराज में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में विरोध प्रदर्शन जारी है। हरिद्वार के चंद्राचार्य चौक पर ब्राह्मण समाज ने प्रयागराज प्रशासन के विरुद्ध जोरदार प्रदर्शन किया।
विरोध प्रदर्शन के दौरान पूर्व मेयर अनीता शर्मा के पति और कांग्रेस नेता अशोक शर्मा ने अपना सिर मुंडवाकर असंतोष व्यक्त किया। उनके साथ रणवीर शर्मा और मुकेश शर्मा ने भी अपना मुंडन करवाया । प्रदर्शनकारियों ने प्रयागराज प्रशासन से शंकराचार्य जी के पास जाकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।
कांग्रेस नेता अशोक शर्मा ने कहा कि भाजपा शासित प्रयागराज में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ जो बर्ताव हुआ है, वह अत्यंत निंदनीय और शर्मनाक है। उन्होंने आरोप लगाया कि शंकराचार्य के शिष्यों की शिखा पकड़कर उनके साथ मारपीट और अभद्रता की गई। Protests against Prayagraj administration
अशोक शर्मा ने कहा, “यह घटना स्पष्ट करती है कि भाजपा सरकार में ब्राह्मण समाज का किस प्रकार शोषण हो रहा है। प्रशासन अभी भी अपनी जिद पर अड़ा है। न तो किसी अधिकारी ने शंकराचार्य जी से माफी मांगी है और न ही उनके अन्न-जल त्यागने की कोई चिंता की जा रही है।”
ICC-बांग्लादेश टकराव बरकरार, भारत में मैच खेलने पर सहमति नहीं
(Protests against Prayagraj administration)प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
- शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से तत्काल माफी मांगी जाए
- दुर्व्यवहार करने वाले अधिकारियों को तुरंत बर्खास्त किया जाए
- ब्राह्मण समाज के सम्मान की रक्षा सुनिश्चित की जाए
अशोक शर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
रणवीर शर्मा ने कहा, “प्रयागराज से आई तस्वीरें और वीडियो हृदय विदारक हैं। हमने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि भाजपा सरकार में ब्राह्मणों के साथ इस तरह का व्यवहार होगा। वेदपाठी ब्राह्मणों और शंकराचार्य जी के शिष्यों के साथ हुए बर्ताव से मन अत्यंत व्यथित है। इसी कारण हमने मुंडन कराकर अपना विरोध दर्ज कराया है।” Protests against Prayagraj administration


