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PM Modi 2025  : आदि तिरुवथिरई उत्सव में शामिल होंगे प्रधानमंत्री, सम्मान में स्मृति सिक्का करेंगे जारी

(Tehelka Desk)PM Modi 2025  : 

प्रधानमंत्री Narendra Modi  आज तमिलनाडु की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी एक भव्य परंपरा में शामिल होने जा रहे हैं। चेन्नई में आयोजित हो रहे ‘आदि तिरुवथिरई उत्सव’ में भाग लेकर पीएम मोदी तमिल समाज की सांस्कृतिक चेतना को राष्ट्रीय पहचान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाएंगे। इस अवसर पर वे महानतम चोल सम्राट राजेन्द्र चोल प्रथम के सम्मान में एक स्मृति सिक्का (Commemorative Coin) भी जारी करेंगे।

 PM Modi 2025  : क्या है आदि तिरुवथिरई उत्सव?

आदि तिरुवथिरई तमिलनाडु का एक प्रमुख धार्मिक उत्सव है, जो विशेष रूप से भगवान नटराज (शिव) की आराधना से जुड़ा होता है। यह उत्सव तमिल कैलेंडर के आदि महीने में तिरुवथिरई नक्षत्र के दिन मनाया जाता है। नटराज के तांडव नृत्य की महिमा का यह पर्व पूरे तमिलनाडु में श्रद्धा और भक्ति से मनाया जाता है।

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चिदंबरम मंदिर, जो भगवान नटराज को समर्पित है, इस दिन विशेष पूजा, रथ यात्रा और सांस्कृतिक आयोजनों का केंद्र होता है। इस बार यह उत्सव राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं इसमें शामिल होकर तमिल संस्कृति को सम्मानित कर रहे हैं।

 PM Modi 2025  : पीएम मोदी का कार्यक्रम

प्रधानमंत्री मोदी का चेन्नई दौरा आज दोपहर शुरू होगा। वे सबसे पहले राजाराजा चोल और राजेन्द्र चोल की स्मृति में बनाए गए प्रदर्शनियों का दौरा करेंगे। इसके बाद वे मुख्य कार्यक्रम में भाग लेंगे, जहां पर:

  • आदि तिरुवथिरई उत्सव की पूजा अनुष्ठान में शामिल होंगे
  • राजेन्द्र चोल प्रथम के सम्मान में एक विशेष स्मृति सिक्का जारी करेंगे
  • सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और नृत्य कार्यक्रमों को देखेंगे
  • तमिल विद्वानों, कलाकारों और धार्मिक गुरुओं से संवाद करेंगे

 PM Modi 2025  : राजेन्द्र चोल प्रथम के सम्मान में सिक्का

इस अवसर पर जो स्मृति सिक्का जारी किया जाएगा, वह राजेन्द्र चोल प्रथम के ऐतिहासिक योगदान को श्रद्धांजलि है। यह सिक्का 1000 वर्ष पहले के उस महान सम्राट को समर्पित होगा, जिसने चोल साम्राज्य को दक्षिण एशिया की सबसे शक्तिशाली समुद्री ताकत बना दिया था।

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PM Modi 2025  :  सिक्के पर उकेरे गए होंगे

  • राजेन्द्र चोल की प्रतिमा
  • गंगा की यात्रा का प्रतीक (गंगैकोंड चोलपुरम)
  • समुद्री विजय का संकेत

यह सिक्का देश की सांस्कृतिक विरासत के सम्मान और संरक्षण की दिशा में एक प्रतीकात्मक लेकिन अहम प्रयास है।

PM Modi 2025  : कौन थे राजेन्द्र चोल प्रथम?

राजेन्द्र चोल प्रथम दक्षिण भारत के चोल साम्राज्य के सबसे शक्तिशाली सम्राटों में गिने जाते हैं। उन्होंने अपने पिता राजराजा चोल की परंपरा को आगे बढ़ाया और साम्राज्य को दक्षिण भारत से निकलकर गंगा के मैदानों, श्रीलंका और दक्षिण-पूर्व एशिया तक विस्तारित किया।

उनकी विजय यात्राएं और प्रशासनिक दक्षता उन्हें भारतीय इतिहास के महान शासकों की श्रेणी में रखती हैं। उन्होंने गंगैकोंड चोलपुरम नामक भव्य राजधानी बसाई थी और कई मंदिरों, जल प्रबंधन परियोजनाओं और सांस्कृतिक संस्थानों का निर्माण करवाया।

PM Modi 2025  :  सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और पीएम मोदी

पीएम मोदी का यह कदम केवल एक औपचारिक उपस्थिति नहीं है, बल्कि यह केंद्र सरकार की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसमें भारत की स्थानीय और क्षेत्रीय संस्कृतियों को राष्ट्रीय विमर्श में शामिल किया जा रहा है।

पिछले वर्षों में भी पीएम मोदी ने:

  • काशी तमिल संगमम् का आयोजन करवाया
  • मध्यकालीन संतों, साहित्यकारों और सम्राटों की विरासत को सम्मानित किया
  • तमिल भाषा और साहित्य को राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा दिया

उनका यह संदेश स्पष्ट है कि भारत की विविधताओं को न सिर्फ स्वीकार किया जाए बल्कि उसका उत्सव मनाया जाए।

PM Modi 2025  :  कार्यक्रम के अन्य मुख्य आकर्षण

  • तमिल लोक नृत्य एवं शास्त्रीय संगीत का आयोजन
  • चोल वंश की विरासत पर आधारित डिजिटल प्रदर्शनी और होलोग्राम शो
  • स्मारिका पुस्तिका और डाक टिकट का विमोचन
  • छात्रों के लिए निबंध प्रतियोगिता और भाषण मंच

PM Modi 2025  :  राजनीतिक और सामाजिक संदेश

प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा केवल सांस्कृतिक नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी अहम है। तमिलनाडु में भाजपा के लिए यह एक भावनात्मक और ऐतिहासिक जुड़ाव का मौका है। यह दिखाता है कि केंद्र सरकार क्षेत्रीय गौरव और भाषाई संस्कृति को लेकर संवेदनशील है और दक्षिण भारत की ऐतिहासिक धरोहर को सम्मान दे रही है।

राजेन्द्र चोल प्रथम की स्मृति में सिक्का जारी करना केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि भारतीय इतिहास की उस परंपरा को उजागर करना है जो गुमनाम होती जा रही है।

पीएम मोदी का तमिल संस्कृति में गहराई से भागीदारी दर्शाता है कि भारत की सांस्कृतिक धारा एकजुट है, चाहे भाषा, भूगोल या परंपरा कुछ भी हो। यह राष्ट्र की विविधता में एकता की मिसाल है।

 

pramesh manori

Asst. News Producer (T)

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