Nag Panchami 2025 : कब है नाग पंचमी, जानें पूजा की सही विधि और शुभ मुहूर्त
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(Tehelka Desk)Nag Panchami 2025 :
भारत के प्रमुख पर्वों में से एक Nag Panchami इस साल विशेष योग में मनाई जाएगी। हिंदू पंचांग के अनुसार नाग पंचमी 2025 में सोमवार, 4 अगस्त को मनाई जाएगी। यह पर्व सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को आता है और नाग देवताओं की पूजा को समर्पित होता है।
नाग पंचमी का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। इस दिन नागों की पूजा करके लोग अपने परिवार को सर्पदोष, कालसर्प योग और अकाल मृत्यु जैसी समस्याओं से मुक्ति दिलाने की प्रार्थना करते हैं।
Nag Panchami 2025 : नाग पंचमी 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त
- नाग पंचमी तिथि प्रारंभ: 4 अगस्त 2025, सोमवार — सुबह 03:10 बजे
- नाग पंचमी तिथि समाप्त: 5 अगस्त 2025, मंगलवार — सुबह 01:45 बजे
- पूजन का श्रेष्ठ मुहूर्त:
पूजन मुहूर्त: 4 अगस्त को सुबह 05:45 से 08:25 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: 11:54 से 12:46 बजे तक
राहुकाल (जिसमें पूजा नहीं करनी चाहिए): सुबह 07:30 से 09:00 बजे तक
Nag Panchami 2025 : नाग पंचमी का धार्मिक और पौराणिक महत्व
हिंदू धर्म में नागों का विशेष स्थान है। शास्त्रों में कहा गया है कि भगवान विष्णु की शैय्या शेषनाग हैं, शिवजी के गले में वासुकी नाग, और भगवान कृष्ण ने कालिया नाग का वध कर यमुना को विषमुक्त किया था। नाग पंचमी के दिन इन सभी पौराणिक कथाओं को याद किया जाता है।
मान्यता है कि इस दिन नागों की पूजा करने से जीवन में सर्पदोष, कालसर्प योग, भय, बीमारी और दरिद्रता से मुक्ति मिलती है। विशेष रूप से जिनकी कुंडली में कालसर्प दोष है, उनके लिए नाग पंचमी का दिन बहुत फलदायी माना जाता है।
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Nag Panchami 2025 : नाग पंचमी की पूजा विधि
- प्रात: स्नान कर साफ वस्त्र धारण करें।
- पूजा स्थान पर या घर के मुख्य द्वार पर मिट्टी या गोबर से नाग देवता की आकृति बनाएं।
- पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और शक्कर) से नाग देवता को स्नान कराएं।
- उन्हें हल्दी, चंदन, पुष्प, अक्षत, धूप-दीप और मिठाई अर्पित करें।
- नाग मंत्र का जाप करें —
ॐ कुरुकुल्ये हुं फट् स्वाहा।
ॐ नमः शिवाय नमस्तुभ्यं पन्नगाधिपते नमः।
- दूध से नाग देवता को अर्पित करें और सर्पों को अनाज व दूध खिलाएं (संभव हो तो सर्प मंदिर में जाएं)।
- नाग पंचमी व्रत कथा पढ़ना अनिवार्य माना जाता है।
- शाम को दीपदान करें और घर की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करें।
क्या करें और क्या न करें यह करें:
- इस दिन नाग देवता की पूजा श्रद्धा और नियम से करें।
- गाय, कुत्ते और पक्षियों को भोजन कराएं।
- शिवलिंग पर दूध चढ़ाएं — सर्प शांति के लिए।
यह न करें:
- जमीन की खुदाई, लकड़ी काटना या लोहे के औजारों का उपयोग ना करें।
- नागों को मारना, अपशब्द बोलना या डराने-धमकाने से बचें।
- इस दिन झूठ बोलना, क्रोध करना या मांस-मदिरा का सेवन वर्जित है।
Nag Panchami 2025 : नाग पंचमी की परंपरा
ग्रामीण भारत में नाग पंचमी बड़े धूमधाम से मनाई जाती है। महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान में विशेष परंपराएं देखने को मिलती हैं। कई जगहों पर सांपों की झांकियां, बीन वादन, और नाग देवता की शोभा यात्रा निकाली जाती है।
कई श्रद्धालु इस दिन व्रत रखते हैं और मंदिरों में जाकर नागदेवता को दूध, लड्डू और फूल अर्पित करते हैं।
सांप को दूध पिलाने की परंपरा
हालांकि सांप दूध नहीं पीते क्योंकि वे मांसाहारी जीव हैं, फिर भी श्रद्धा और परंपरा के रूप में लोग उन्हें दूध अर्पित करते हैं। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से यह एक धार्मिक प्रतीक है, जिससे यह संदेश जाता है कि हमें प्रकृति के हर जीव का सम्मान करना चाहिए।
Nag Panchami 2025 : प्रमुख कथाएं
- कालिया नाग और श्रीकृष्ण:
जब कालिया नाग ने यमुना को विषैला बना दिया था, तब बालकृष्ण ने नाग से युद्ध कर उसे पराजित किया और यमुना को शुद्ध किया। - नागिन की कथा:
एक महिला ने अनजाने में नाग के बच्चों को मार डाला था। नागिन ने बदला लेने के लिए परिवार के सभी लोगों को डस लिया। अंत में महिला की पूजा और प्रायश्चित से नागिन ने उसे क्षमा कर दिया।
नाग पंचमी और ज्योतिष उपाय
- कालसर्प दोष निवारण के लिए इस दिन रुद्राभिषेक कराना बेहद शुभ होता है।
- नाग नागिन यंत्र की स्थापना और पूजा करने से घर में समृद्धि आती है।
- चांदी या पंचधातु का नाग-नागिन जोड़ा दान करें या तिजोरी में रखें।
नाग पंचमी न केवल आस्था का पर्व है, बल्कि यह प्रकृति और जीवों के प्रति हमारे जिम्मेदार व्यवहार की याद दिलाता है। पूजा-पाठ और व्रत के साथ-साथ यह पर्व हमें यह भी सिखाता है कि हमें सभी प्राणियों का सम्मान करना चाहिए।


