(Tehelka Desk)MonsoonSession2025 :
केंद्रीय खेल एवं युवा मामले मंत्री Dr. Mansukh Mandaviya ने सोमवार को स्पष्ट रूप से घोषणा की कि लंबे समय से प्रतीक्षित राष्ट्रीय खेल शासन विधेयक (National Sports Governance Bill) को आगामी मानसून सत्र में संसद में पेश किया जाएगा। यह सत्र 21 जुलाई से शुरू हो रहा है। उन्होंने यह जानकारी एक नशा मुक्ति-अभियान के कार्यक्रम के दौरान मीडिया से साझा की।
MonsoonSession2025 : विधेयक पेश करने का मकसद
यह विधेयक खेल प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और नैतिकता स्थापित करने के लिए तैयार किया गया है। इसके मुख्य उद्देश्य हैं:
- एक नियामक बोर्ड की स्थापना, जो राष्ट्रीय खेल महासंघों (NSFs) को मान्यता देगा, उनकी फंडिंग करेगा और सुशासन के मानकों की निगरानी करेगा।
- एक आचार संहिता आयोग और विवाद निवारण आयोग का गठन, ताकि खेल प्रशासनों में त्रुटियों व अनुचित कार्यों की कार्यवाही हो सके।
मांडविया ने कहा कि विधेयक को संसद में पेश करने से पहले इसे और परिपक्व बनाना है, इसलिए व्यापक परामर्श और संशोधनों की प्रक्रिया जारी है।
MonsoonSession2025 : NSF, IOA और P. T. उषा की चिंताएँ
भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष P. T. उषा सहित कई स्टेकहोल्डर्स ने आपत्तियाँ उठाई हैं। उनका कहना है कि एक शक्तिशाली नियामक बोर्ड स्थापित करने से NSFs की स्वायत्तता प्रभावित हो सकती है और इससे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगने का खतरा उठ सकता है।
मांडविया ने संतुलन बनाए रखने का आश्वासन देते हुए कहा कि विधेयक अंतरराष्ट्रीय मापदंडों—जैसे ओलंपिक चार्टर के अनुरूप तैयार किया जाएगा, और इन चिंताओं का समाधान विधेयक में संशोधन के माध्यम से किया जाएगा।
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MonsoonSession2025 : मुख्य प्रावधानों का जायज़ा
Draft National Sports Governance Bill, 2024 के अनुसार:
- खेल नियामक बोर्ड के अंतर्गत NSFs की मान्यता, फंडिंग वितरण और मानदंडों का पालन सुनिश्चित करना होगा।
- एथलीट कमीशन स्थापित होगा, ताकि खिलाड़ियों की आवाज को सुनने का मंच बना रहे।
- अपीलियरी खेल न्यायाधिकरण की व्यवस्था होगी, जहां खेल संबंधी विवादों का निपटारा हो सके।
- अनुच्छेदों में NSFs के पदाधिकारियों की आयु, कार्यकाल, चयन प्रक्रिया और महिलाओं व खिलाड़ियों के लिए प्रतिनिधित्व का प्रावधान शामिल होगा।
MonsoonSession2025 : राष्ट्रीय खेल नीति और रणनीति में योगदान
मांडविया ने बताया कि सरकार भविष्य में 2036 के ओलंपिक मेजबानी की योजना बना रही है और इससे पहले देश को 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में पदक पाने की दिशा में अग्रसर करना है। उन्होंने नीति में दो बातें प्रमुख रखीं:
- NSFs में नैतिकता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना
- खेलो इंडिया स्कीम से लेकर आधारभूत इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण तक का विस्तार करने की रणनीति अपनाना
Draft कमिशन की दिशा में कदम: Draft Sports Governance Bill, Draft National Sports Policy 2024 और Draft National Code Against Age Fraud 2025 एक साथ तैयार किए जा रहे हैं। ये सभी पहलें सरकार की साफ मंशा को दर्शाती हैं।
MonsoonSession2025 : मानसून सत्र में विधेयक पेश
मंडाविया ने स्पष्ट कहा कि विधेयक मानसून सत्र में पेश हो रहा है। हालांकि समय पर पारित होने पर निर्भर करता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस सत्र में विधेयक को शुरु करके, संसदीय चर्चा और रोलआउट की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
MonsoonSession2025 : एक संतुलित दृष्टिकोण की ओर
इसमें हकीकत यह है कि भारत में खेल प्रशासन में हमेशा विवाद रहे हैं विवाद, लंबित मुकदमे, भ्रष्टाचार आदि। Draft Bill का मकसद इन्हीं खामियों को सुधारना है। मांडविया ने स्पष्ट किया कि सरकार का इरादा सत्ता लेना नहीं बल्कि खेल प्रशासन में नैतिक, पारदर्शी और प्रगतिशील प्रणाली लाना है, ताकि खिलाड़ी केंद्रित नीतियाँ लागू की जा सकें।
क्या अब होगा बदलाव?
यदि विधेयक पारित हो जाता है, तो भारतीय खेल प्रशासन में बड़ा बदलाव आएगा:
- NSFs स्वायत्त रह सकेंगे, लेकिन बोर्ड की मान्यता और अधीनता में रहकर
- कोच, खिलाड़ी एवं महिलाएं निर्णय प्रक्रियाओं में अधिक प्रतिनिधित्व पाएंगी
- खेल विवादों की त्वरित सुनवाई और समाधान संभव होगा
मंडाविया का स्पष्ट संदेश है “खेल में सुशासन लाना है,” और इसके लिए राष्ट्रीय खेल शासन विधेयक एक ज़रूरी कदम है। यह विधेयक खेल प्रशासकों को जवाबदेह बनाएगा, खिलाड़ियों की आवाज़ को सौंपेगा और भारत को एक जिम्मेदार, नैतिक और मजबूत खेल राष्ट्र बनाएगा।


