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(Tehelka Desk) Monsoon Session 2025 :
संसद का Monsoon Session एक बार फिर हंगामे की भेंट चढ़ गया। सोमवार को जैसे ही लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्ष ने सरकार पर कई मुद्दों को लेकर हमला बोलते हुए जोरदार विरोध दर्ज कराया। नतीजतन, दोनों सदनों की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित करनी पड़ी। हालांकि, इसी बीच राज्यसभा ने ‘बिल ऑफ लैडिंग विधेयक 2025’ को पारित कर दिया, जिसे व्यापारिक क्षेत्र में बड़ा सुधार माना जा रहा है।
Monsoon Session 2025 : मुद्दों से ज्यादा शोर?
20 जुलाई से शुरू हुआ संसद का यह मानसून सत्र, देश के कई ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा के लिए अहम माना जा रहा था। लेकिन संसद के अंदर का माहौल शुरू से ही विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच खींचतान से भर गया है।
सोमवार को जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसदों ने—
- ऑपरेशन सिंदूर को लेकर जवाब मांगा
- राहुल गांधी को बोलने नहीं देने का विरोध किया
- मणिपुर, महंगाई, बेरोजगारी और मीडिया की भूमिका पर चर्चा की मांग की
इन तमाम मांगों के बीच शोरगुल इतना बढ़ गया कि लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक, फिर पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
Monsoon Session 2025 : क्या है बिल ऑफ लैडिंग विधेयक 2025?
इस हंगामे के बीच, राज्यसभा में ‘बिल ऑफ लैडिंग विधेयक 2025’ (Bill of Lading Bill 2025) पारित कर दिया गया।
यह विधेयक अंतरराष्ट्रीय व्यापार, विशेषकर समुद्री व्यापार में इस्तेमाल होने वाले दस्तावेज़ ‘बिल ऑफ लैडिंग’ को डिजिटल स्वरूप में लाने और उसे वैधानिक मान्यता देने से संबंधित है।
Monsoon Session 2025 : विधेयक के मुख्य बिंदु
- डिजिटल दस्तावेजों को कानूनी वैधता देना
- अंतरराष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स में पारदर्शिता लाना
- माल भेजने वाले और प्राप्तकर्ता के बीच विवादों में कमी
- धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों पर रोक
- भारत को वैश्विक लॉजिस्टिक हब के रूप में उभरने में मदद
वाणिज्य मंत्री ने इसे “डिजिटल इंडिया के तहत व्यापार क्षेत्र में बड़ा बदलाव” बताया।
Monsoon Session 2025 : विपक्ष का आरोप
जहां एक तरफ राज्यसभा में विधेयक पारित हुआ, वहीं विपक्ष का आरोप है कि—
- सरकार संसद में बिलों को बिना चर्चा पास करा रही है
- उन्हें बहस करने का मौका नहीं दिया जा रहा
- जनहित के गंभीर मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा,
“मैं विपक्ष का नेता हूं, फिर भी मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा। यह लोकतंत्र नहीं, एकपक्षीय सरकार का संकेत है।”
टीएमसी और आम आदमी पार्टी समेत अन्य दलों ने भी समर्थन में आवाज़ बुलंद की।
Monsoon Session 2025 : अब तक क्या हुआ?
| विषय | विवरण |
| सत्र की शुरुआत | 20 जुलाई 2025 |
| कार्यवाही के दिन | 3 |
| अब तक पारित विधेयक | 4 |
| प्रस्तावित विधेयक | 14 |
| स्थगित कार्यवाही | 3 दिन लगातार |
| बड़े मुद्दे | महंगाई, ऑपरेशन सिंदूर, मणिपुर हिंसा, बेरोजगारी |
Monsoon Session 2025 : क्या कहती है सरकार?
संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि विपक्ष केवल “बातों में रुकावट” डाल रहा है।
“सरकार खुलकर बहस को तैयार है, लेकिन विपक्ष केवल हंगामा चाहता है। जनता के मुद्दों पर अगर बहस करनी है तो उसमें विघ्न डालना कैसा?”
सरकार का तर्क है कि देश के विकास और डिजिटल व्यापार को बढ़ाने के लिए बिल ऑफ लैडिंग जैसे कानून जरूरी हैं।
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Monsoon Session 2025 : विशेषज्ञों की राय
संसदीय मामलों के जानकार डॉ. राकेश झा कहते हैं:
“संसद का कार्य बाधित होना न तो विपक्ष के हित में है, न ही सत्तापक्ष के। खासतौर से जब ऐसे बिल लाए जा रहे हैं जो देश की अर्थव्यवस्था को आगे ले जाने वाले हैं।”
Monsoon Session 2025 : आगे क्या?
- मंगलवार को फिर से सदन की कार्यवाही शुरू होगी
- विपक्ष राहुल गांधी को बोलने देने की मांग करेगा
- सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और बढ़ने की संभावना
- नागरिक डेटा संरक्षण विधेयक समेत कई अहम विधेयक सूची में हैं
जहां एक ओर बिल ऑफ लैडिंग विधेयक 2025 जैसे कानून व्यापार में पारदर्शिता और तेजी लाने का प्रयास हैं, वहीं दूसरी ओर संसद का बार-बार बाधित होना देश के लोकतंत्र की गंभीरता पर सवाल खड़ा करता है। यदि संसद में जनहित के मुद्दों पर संवाद नहीं होगा, तो कानून कितने भी अच्छे हों, वे लोगों का विश्वास नहीं जीत पाएंगे।


