(Tehelka Desk)Mann Ki Baat 2025 :
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने रविवार को देश को संबोधित करते हुए अपने लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ के माध्यम से जनता से संवाद किया। इस बार का संबोधन देशभर में आई प्राकृतिक आपदाओं को समर्पित रहा। पीएम मोदी ने बाढ़, भूस्खलन और भारी वर्षा से प्रभावित लोगों की तकलीफ को साझा करते हुए कहा कि “जिसने अपने प्रियजन खोए हैं, उनकी पीड़ा हम सबका दर्द है।”
Mann Ki Baat 2025 : आपदाओं का व्यापक असर
पिछले कुछ महीनों में देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ की घटनाओं ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों में हजारों परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह आपदाएँ हमें यह याद दिलाती हैं कि प्रकृति से छेड़छाड़ और असंतुलन का परिणाम कितना गहरा हो सकता है।
Mann Ki Baat 2025 : संवेदनशील संदेश
अपने संदेश में पीएम मोदी ने भावुक होकर कहा:
“जब भी कोई प्राकृतिक आपदा आती है, तब यह सिर्फ प्रभावित क्षेत्र की समस्या नहीं रहती, बल्कि पूरे देश का दर्द बन जाती है। जिसने अपना घर खोया, अपनी जमीन खोई या सबसे बड़ी बात – अपने परिवार का सदस्य खो दिया, उसकी पीड़ा हम सबकी पीड़ा है।”
प्रधानमंत्री ने आपदा राहत कार्यों में जुटे NDRF, SDRF, सेना, वायुसेना और स्थानीय प्रशासन की सराहना की और कहा कि इन सभी ने दिन-रात बिना रुके जनसेवा की मिसाल पेश की है।
Mann Ki Baat 2025 : स्थानीय नायकों की सराहना
पीएम मोदी ने उन साधारण नागरिकों का भी उल्लेख किया जिन्होंने आपदा के समय दूसरों की मदद की। उन्होंने कहा कि ऐसे मौके पर समाज की एकजुटता ही सबसे बड़ी ताकत बन जाती है।
“जब कोई अपना जीवन दांव पर लगाकर किसी अजनबी की जान बचाता है, तो वह भारत की संस्कृति – ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की सच्ची तस्वीर प्रस्तुत करता है।”
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Mann Ki Baat 2025 : परिवर्तन और जागरूकत
प्रधानमंत्री ने जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि लगातार बदलते मौसम और बढ़ती प्राकृतिक आपदाएँ इस बात का संकेत हैं कि हमें अब गंभीर कदम उठाने होंगे। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे वृक्षारोपण, जल-संरक्षण और ऊर्जा बचत को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।
Mann Ki Baat 2025 : सरकार की पहलें
पीएम मोदी ने इस दौरान केंद्र सरकार की उन योजनाओं का भी जिक्र किया, जो आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों को मजबूत बनाने के लिए शुरू की गई हैं। इनमें शामिल हैं –
- आपदा प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित राहत कोष की उपलब्धता।
- अर्ली वॉर्निंग सिस्टम को और सशक्त बनाने की कवायद।
- डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से आम लोगों को आपदा से बचाव संबंधी जानकारी उपलब्ध कराना।
- किसानों के लिए फसल बीमा योजना ताकि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई हो सके।
Mann Ki Baat 2025 : भावुक स्वर
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री कई बार भावुक नजर आए। उन्होंने कहा:
“आज जब मैं उन परिवारों के बारे में सोचता हूँ जिन्होंने अपने बच्चों, माता-पिता या जीवन साथी को खो दिया, तो मन व्यथित हो उठता है। लेकिन पूरे देश की प्रार्थनाएँ और शुभकामनाएँ उनके साथ हैं। सरकार हर प्रभावित परिवार तक राहत पहुँचाने के लिए निरंतर काम कर रही है।”
Mann Ki Baat 2025 : एकता और सहानुभूति
कार्यक्रम के अंत में पीएम मोदी ने नागरिकों से अपील की कि वे ऐसे कठिन समय में एक-दूसरे का सहारा बनें। उन्होंने कहा कि देश तभी मजबूत बनता है जब नागरिक संवेदनशीलता और एकजुटता के साथ आगे बढ़ते हैं।
“हम सभी का दायित्व है कि संकट की घड़ी में एक-दूसरे का साथ दें। यही भारतीयता की असली पहचान है।”
‘मन की बात’ के इस एपिसोड ने एक बार फिर यह साबित किया कि पीएम मोदी सिर्फ नीतियों और योजनाओं पर ही नहीं, बल्कि देशवासियों की भावनाओं और पीड़ा को भी गहराई से समझते हैं। प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों के प्रति उनकी सहानुभूति और संवेदनशीलता ने लाखों नागरिकों के दिल को छुआ है।


