Kanwar Yatra 2025 : हाईवे पर भारी वाहनों पर रोक, मुरादाबाद से दिल्ली-मेरठ के लिए रूट डायवर्ट
Headings
- 1 Dilip Kumar Death Anniversary 2025 : आज दिलीप साहब की पुण्यतिथि पर पत्नी सायरा बानो हुई इमोशनल, दी श्रद्धांजलि
- 1.0.1 Kanwar Yatra 2025: पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट
- 1.0.2 Kanwar Yatra 2025: कांवड़ियों के लिए अलग पटरी मार्ग
- 1.0.3 Kanwar Yatra 2025: क्या कहते हैं अधिकारी?
- 1.0.4 Kanwar Yatra 2025: हर साल बढ़ रही है संख्या
- 1.0.5 Kanwar Yatra 2025: कांवड़ यात्रा के लिए यात्रियों को सलाह
- 1.0.6 Kanwar Yatra 2025: आम लोगों के लिए संदेश
(Tehelka Desk)Kanwar Yatra 2025:
सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही उत्तर भारत में शिवभक्तों की सबसे बड़ी आस्था यात्रा Kanwar Yatra 2025 की तैयारियां जोरों पर हैं। इस बार भी लाखों कांवड़िए गंगाजल लेने हरिद्वार, गंगोत्री और अन्य घाटों की ओर रवाना होंगे। इसके चलते उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के कई राज्यों में सुरक्षा और ट्रैफिक को लेकर प्रशासन ने कड़े इंतज़ाम किए हैं।
Kanwar Yatra 2025: 11 जुलाई से हाईवे पर भारी वाहन नहीं चलेंगे
कांवड़ यात्रा के दौरान सबसे बड़ी चुनौती होती है हाईवे पर कांवड़ियों की भीड़ को संभालना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है।
11 जुलाई 2025 से कांवड़ यात्रा संपन्न होने तक नेशनल हाईवे-58, हाईवे-24 और आसपास के लिंक रोड पर भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी।
इन रास्तों से केवल कांवड़िए और हल्के वाहन ही गुजर पाएंगे।
Kanwar Yatra 2025: किस रूट से डायवर्ट होंगे ट्रक और बसें?
मुरादाबाद से दिल्ली और मेरठ की ओर जाने वाले भारी वाहनों को अब दूसरे वैकल्पिक मार्गों से निकालने की योजना तैयार कर ली गई है। मुरादाबाद से दिल्ली जाने वाले भारी वाहन अब गजरौला, हापुड़ होते हुए NH-9 की बजाय बरेली-बदायूं-आगरा-यमुना एक्सप्रेसवे से दिल्ली भेजे जाएंगे।
मेरठ से आने-जाने वाले ट्रक को भी बाईपास से बाहर से ही निकालने के आदेश हैं।
पुलिस और परिवहन विभाग ने सभी ट्रांसपोर्टर्स को पहले ही सूचना दे दी है ताकि उन्हें कोई दिक्कत न हो।
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Kanwar Yatra 2025: पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट
मेरठ जोन के एडीजी ने कहा कि इस बार कांवड़ यात्रा में सुरक्षा के लिए 50 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती होगी। जगह-जगह ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी जाएगी।
इसके अलावा कांवड़ पटरी मार्ग, हाईवे, शहरों के बीचोबीच से गुजरने वाले रास्तों को भी बैरिकेडिंग कर सुरक्षित बनाया जाएगा।
कांवड़ शिविरों में भी सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम रहेंगे। पुलिस ने सभी जिलों को आदेश दिया है कि वे रूट डायवर्जन के बोर्ड, पंपलेट और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को अलर्ट रखें।
Kanwar Yatra 2025: कांवड़ियों के लिए अलग पटरी मार्ग
हर साल की तरह इस बार भी कांवड़ियों के लिए हाईवे के किनारे विशेष पटरी मार्ग बनाए जाएंगे ताकि वे पैदल चलते हुए या बाइक पर सुरक्षित आगे बढ़ सकें।
मेरठ, मुरादाबाद, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर और हरिद्वार में कांवड़ मार्ग के किनारे पेयजल, चिकित्सा और रुकने के लिए शिविर लगाए जाएंगे।
सड़कों के किनारे दुकानदारों को भी सख्त हिदायत दी गई है कि लाउडस्पीकर, डीजी साउंड या कोई भी ऐसा उपकरण न बजाएं जिससे कांवड़ियों को परेशानी हो।
Kanwar Yatra 2025: क्या कहते हैं अधिकारी?
डीएम मेरठ ने बताया कि प्रशासन और पुलिस पूरी सतर्कता के साथ काम कर रही है।
‘कांवड़ यात्रा में लाखों श्रद्धालु आते हैं, हमारा प्रयास है कि कोई हादसा न हो। इसलिए भारी वाहनों पर रोक और ट्रैफिक डायवर्जन जरूरी हैं।’
पुलिस ने ट्रक यूनियन और रोडवेज विभाग के साथ भी बैठक की है ताकि बसों के रूट और टाइमिंग पहले से तय रहें।
Kanwar Yatra 2025: हर साल बढ़ रही है संख्या
जानकारों के मुताबिक इस बार करीब 3 से 4 करोड़ कांवड़िए गंगाजल लेने आएंगे। हर साल यह संख्या बढ़ रही है। इसलिए पुलिस प्रशासन के सामने यह सबसे बड़ी परीक्षा भी होती है कि लाखों लोगों को सुरक्षित यात्रा कराई जाए।
Kanwar Yatra 2025: कांवड़ यात्रा के लिए यात्रियों को सलाह
हाईवे पर सफर करने से पहले ट्रैफिक अपडेट जरूर देखें।
तय वैकल्पिक रूट का पालन करें।
शिविर और भीड़भाड़ वाले इलाकों में वाहन धीमे चलाएं।
कांवड़ियों को ओवरटेक करने से बचें।
किसी भी असुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर का इस्तेमाल करें।
Kanwar Yatra 2025: आम लोगों के लिए संदेश
अगर आप दिल्ली-मेरठ-मुरादाबाद हाईवे पर यात्रा की योजना बना रहे हैं तो सावन महीने में रूट और ट्रैफिक अलर्ट को ध्यान में रखें। कोशिश करें कि भारी वाहनों से यात्रा न करें और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें।
कांवड़ यात्रा उत्तर भारत की सबसे बड़ी आस्था यात्रा है। लाखों शिवभक्तों की आस्था को सुरक्षित रखना प्रशासन के लिए चुनौती भी है और जिम्मेदारी भी।
इसलिए अगर आप इस दौरान यात्रा कर रहे हैं तो प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और कांवड़ियों की सुरक्षा में सहयोग दें।


