Judgments Of The Akhaada :निरंजनी और आनंद अखाड़े के साधु-संतों के फैसले पर क्या बोले आईजी कुंभ मेला संजय गुंज्याल ?

The Saints Of Niranjani And Anand Agar Decided To Vacate The Camp On 17 April !

रिपोर्टर- MANISH KAGRAN

स्थान – हरिद्वार

Judgments Of The Akhaada : पंचायती निरंजनी अखाड़ा और आनंद अखाड़ा के साधु-संतों ने इस माह की 17 तारीख को कुंभ नगरी हरिद्वार में अपनी-अपनी छावनी समाप्त करने का निर्णय लिया है. आपको बता दें की देवों की धरती उत्तराखंड में कोरोना का कहर बढ़ता ही जा रहा है.अब दिन प्रतिदिन यहां पर कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या निकलती जा रही है. और वही कुंभ नगरी हरिद्वार भी इससे अछूता नहीं रहा है.इसको देखते हुए निरंजनी और आनंद अखाड़े के साधु-संतों ने यह निर्णय लिया है और अपने साधु-संतों से अपने-अपने राज्य में लौटने की अपील की है.

Judgments Of The Akhaada

निरंजनी अखाड़ा का बड़ा फैसला

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Judgments Of The Akhaada : निरंजनी अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरी ने कहा कि जिस तरीके से देश के अन्य राज्यों में कोरोना का कहर बढ़ता ही जा रहा है. और उत्तराखंड में भी कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है. उसको देखते हुए निरंजनी अखाड़ा और आनंद अखाड़ा ने फैसला लिया है की इस माह की 17 तारीख को निरंजनी अखाड़ा और आनंद अखाड़े की छावनी समाप्त कर दी जाएगी और जो 27 अप्रैल का  स्नान है  वह  अखाड़ा परिषद के द्वारा तय किया जायेगा और सभी साधु संतों से हमने अपील करी है कि वह अपने अपने राज्यों को लौट जाएं.

कुंभ को लेकर प्रशासन का कोई आदेश नहीं आया -आईजी

Judgments Of The Akhaada : वही आईजी कुंभ मेला संजय गुंज्याल ने कहा कि निरंजनी अखाड़ा द्वारा जो भी फैसला लिया गया है. वह उनके अखाड़े का निजी फैसला है सरकार की तरफ से कोई भी ऐसा फैसला नहीं लिया गया है कुंभ 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक की अवधि का है और कुंभ 30 अप्रैल तक ही जारी रहेगा.

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