Jessica Lal Murder Case – 18 साल बाद मनु शर्मा जेल से रिहा, अच्छे व्यवहार के चलते समय से पहले रिहाई

Jessica Lal Murder Case : जेसिका लाल हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे मनु शर्मा (Manu Sharma) को सोमवार को तिहाड़ जेल (Tihar Jail) से रिहा कर दिया गया.

चर्चित जेसिका लाल हत्या केस में दोषी मनु शर्मा (Manu Sharma) को समय से पहले रिहा कर दिया गया है। शर्मा को सोमवार को ही तिहाड़ जे से रिहा कर दिया गया। उपराज्यपाल ने अनिल बैजल (Delhi LG Anil Baijal) ने शर्मा समेत 18 अन्य कैदियों को समय से पहले रिहाई वाले आदेश को मंजूरी दे दी थी। बता दें कि तिहाड़ जेल में बंद कैदियों की समय से पूर्व रिहाई के लिए सोमवार को सेंटेंस रिव्यू बोर्ड की मीटिंग हुई थी। इस बैठक में 37 कैदियों के केस रखे गए थे। इनमें से 22 कैदियों को समय से पहले रिहाई के लिए सहमति बनी थी।

जेसिका लाल हत्याकांड

मशहूर मॉडल जेसिका लाल की 29 अप्रैल 1999 की रात दिल्ली के टैमरिंड कोर्ट रेस्टोरेंट में गोली मारकर केवल इसलिए हत्या कर दी गई थी, क्योंकि  उन्होंने शराब परोसने से मना कर दिया था। गोली चलाने वाला व्यक्ति कद्दावर कांग्रेसी नेता विनोद शर्मा का बेटा मनु शर्मा था। सात साल तक चले इस मुकदमे के बाद फरवरी 2006  में सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया था। 

लेकिन, जेसिका की बहन ने चुप्पी न साधते हुए मामले को मीडिया के माध्यम से जनता के सामने रखा। उसके बाद तो जेसिका लाल मर्डर केस में इंसाफ के लिए देश भर में चिंगारी सी भड़क गई। केस दोबारा खुला और फास्ट ट्रैक कोर्ट में लगातार 25 दिनों तक मामले की सुनावई चली। इसके बाद दोषी मनु शर्मा को उम्रकैद की सजा सुनाई गई।

हत्याकांड का दोषी मनु शर्मा समय से पहले जेल से रिहा

Jessica Lal

मनु को अच्छे चाल-चलन के कारण सजा आजीवन कारावास की सजा पूरी होने के पहले जेल से रिहा करने का फैसला किया गया। मनु ने 17 साल की सजा काट भी ली थी।

इससे पहले मनु के केस को एसआरबी में पांच बार और रखा जा चुका था। हर बार मनु के नाम को अगली मीटिंग में लाने के लिए रेफर कर दिया जाता था। बोर्ड को बताया गया कि इन कैदियों के जेल में रहते हुए कम से कम 14 साल हो गए हैं। इस दौरान इन्हें जितनी बार भी परोल और फरलो मिली है। उसमें यह समय पर जेल में वापस आए हैं। साथ ही जेल में रहते हुए इनका व्यवहार भी अच्छा रहा है।

1999 में हुई थी जेसिका लाल की हत्या

Jessica Lal

जेसिका लाल की 20 अप्रैल 1999 को दिल्ली के एक बार में कांग्रेस के तत्कालीन प्रभावशाली नेता विनोद शर्मा के बेटे मनु शर्मा ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।दिसंबर 2006 को दिल्ली हाई कोर्ट ने मनु शर्मा को मामले में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। शर्मा परिवार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था और अप्रैल 2010 में शीर्ष अदालत ने हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा था।

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मनु के अलावा उपराज्यपाल अनिल बैजल ने आजीवन कारावास की सजा काट रहे 18 अन्य लोगों को भी समय से पूर्व रिहाई का आदेश दिया है।

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जेसिका लाल हत्याकांड एक नज़र

  • 29-30 अप्रैल, 1999 की रात : साउथ दिल्ली के टैमरिंड कोर्ट रेस्टोरेंट में पार्टी में जेसिका की गोली मारकर हत्या 
  • 30 अप्रैल, 1999 : अपोलो अस्पताल में डॉक्टरों ने घोषित किया कि जेसिका को अस्पताल में मृत लाया गया था 
  • 2 मई, 1999 : मनु शर्मा की टाटा सफारी को दिल्ली पुलिस ने यूपी के नोएडा से बरामद किया 
  • 6 मई, 1999 : चंडीगढ़ की एक अदालत के सामने मनु शर्मा का सरेंडर 
  • इसके बाद यूपी के नेता डीपी यादव के बेटे विकास यादव सहित 10 सह अभियुक्तों की गिरफ्तारी
  • 3 अगस्त, 1999 : आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत जेसिका मर्डर केस में आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट
  • 31 जनवरी, 2000 : मजिस्ट्रेट कोर्ट ने इस केस को सेशन कोर्ट को सुपुर्द किया
  • 23 नवंबर, 2000 : सेशन कोर्ट ने हत्या के मामले में नौ लोगों के खिलाफ आरोप तय किए
  • एक आरोपी अमित झिंगन बरी और रविंदर उर्फ टीटू को भगोड़ा घोषित किया
  • 2 मई, 2001 : कोर्ट ने अभियोजन पक्ष के साक्ष्य दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की 
  • 3 मई, 2001 : चश्मदीद गवाह श्यान मुंशी अपने बयान से मुकरा, कोर्ट में उसने मनु की शिनाख्त नहीं की
  • 5 मई, 2001 : कुतुब कोलोनेड में इलेक्ट्रिशियन एक अन्य चश्मदीद शिव दास भी अपने बयान से मुकरा
  • 16 मई, 2001 : तीसरा प्रमुख गवाह करन राजपूत भी अपने बयान से मुकरा
  • 6 जुलाई, 2001 : एक गवाह मालिनी रमानी ने मनु शर्मा की शिनाख्त की
  • 12 अक्तूबर, 2001 : रेस्टोरेंट और बार मालकिन बीना रमानी ने भी मनु की शिनाख्त की
  • 17 अक्तूबर, 2001 : बीना के कनाडाई पति जार्ज मेलहोत ने गवाही दी और मनु शर्मा की शिनाख्त की
  • 20 जुलाई, 2004 : विवादास्पद जांच अधिकारी सुरिंदर शर्मा ने गवाही दी
  • 21 फरवरी, 2006 : लोअर कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में सभी नौ अभियुक्तों को बरी किया
  • 13 मार्च, 2006 : दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट में अपील दायर की
  • 3 अक्तूबर, 2006 : हाईकोर्ट ने इस अपील पर नियमित आधार पर सुनवाई शुरू की
  • 29 नवंबर, 2006 : हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा
  • 18 दिसंबर, 2006 : हाईकोर्ट ने मनु शर्मा, विकास यादव और अमरदीप सिंह गिल उर्फ टोनी को दोषी करार दिया
  • आलोक खन्ना, विकास गिल, हरविंदर सिंह चोपड़ा, राजा चोपड़ा, श्याम सुंदर शर्मा और योगराज सिंह बरी हुए
  • 20 दिसंबर, 2006 : हाईकोर्ट ने मनु शर्मा को उम्रकैद की सजा सुनाई और 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया
  • सह अभियुक्त अमरदीप सिंह गिल और विकास यादव को चार साल की जेल की सजा और तीन हजार का जुर्माना
  • 2 फरवरी, 2007 : मनु शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की
  • 8 मार्च, 2007 : सुप्रीम कोर्ट ने मनु शर्मा की अपील स्वीकार की
  • 27 नवंबर, 2007 : सुप्रीम कोर्ट ने मनु की जमानत की दलील खारिज की
  • 12 मई, 2008 : सुप्रीम कोर्ट ने मनु शर्मा की जमानत याचिका फिर से खारिज की
  • 19 अप्रैल, 2010 : फिर से ने मनु शर्मा की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा

मनु शर्मा को रिहाई मिल गई है, लेकिन जेसिका की बहन सबरीना भी याद रहनी चाहिए

सबरीना लाल ने हिम्मत नहीं हारी
आरोपियों के बरी होने के बाद भी जेसिका का परिवार निराश नहीं हुआ. यह मामला मीडिया में उछला. उसके बाद तो जेसिका लाल मर्डर केस में इंसाफ के लिए दिल्ली क्या पूरा देश एक साथ आ गया. इस केस को दोबारा खोलना पड़ा. फास्टट्रैक कोर्ट में केस चला. उसके बाद जेसिका के हत्यारे मनु शर्मा को उम्र कैद की सजा सुनाई गई.

सबरीना ने चिट्ठी लिखी थी, मैंने माफ कर दिया है
सजा पाने के बाद मनु शर्मा ने लंबे वक्त तक सजा काट ली है. बीच में उनकी रिहाई को लेकर बात हुई तो सबरीना लाल ने दिल्ली की तिहाड़ जेल के वेलफेयर ऑफिसर को एक चिट्ठी लिखकर बताया कि उन्हें मनु शर्मा की रिहाई में कोई आपत्ति नहीं है. मनु पिछले तिहाड़ में आजीवन कारावास की सज़ा काट रहा है. सबरीना ने इस चिट्ठी के बारे में मीडिया को बताते हुए कहा था कि मैं ईसाई हूं और माफ करने में यकीन रखती हूं.

सबरीना की इस लड़ाई पर बनी थी फिल्म
जेसिका की बहन सबरीना की इस लड़ाई पर बॉलीवुड में फिल्म भी बनी थी. नाम था नो वन किल्ड जेसिका. फिल्म में रानी मुखर्जी, विद्या बालन और मायरा ने मुख्य भूमिकाएं निभाईं थीं. सबरीना की भूमिका में विद्या बालन थीं. 

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