Human trafficking : 13 साल बाद मां से मिला बेटा, मानव तस्करी का दिल दहला देने वाला मामला

Human trafficking : बिहार के अररिया जिले से मानव तस्करी की एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां 13 साल बाद एक मां अपने बेटे से मिल सकी। यह मुलाकात एक मां के संघर्ष और न्याय की लंबी लड़ाई की गवाह बनी।
55 वर्षीय जरीना खातून ने रोते हुए बताया कि 2012 में उनके 12 वर्षीय बेटे जमशेद उर्फ मुन्ना को गांव के ही कुछ लोग यूपी के भदोही ले गए थे। उन्होंने मदरसे में दाखिला करवाने का झांसा देकर बेटे को ले जाया। उस समय उनके पति बीमार थे और घर की पूरी जिम्मेदारी जरीना पर थी। परिवार की मजबूरी का फायदा उठाकर तस्कर बेटे को ले गए।
जरीना को जल्द ही एहसास हो गया कि उनके साथ धोखा हुआ है। उन्होंने मोहम्मद जावेद, मुर्शीद और दुखखान के खिलाफ Human trafficking का मामला दर्ज कराया। लेकिन FIR के बाद उनका संघर्ष और बढ़ गया। परिवार को गांव केरला से बाहर निकाल दिया गया, घर को नुकसान पहुंचाया गया। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी।

26 दिसंबर को जब वह गांव पहुंचा तो घर खाली मिला।मुख्य आरोपी मोहम्मद जावेद को गिरफ्तार किया गया। तीन महीने पहले अररिया की ADJ-IV कोर्ट ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर मुन्ना की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
Haridwar : नशे में युवक ने मोबाइल टावर पर चढ़कर मचाया हंगामा
सोमवार को स्थानीय पुलिस और बाल कल्याण समिति ने मां-बेटे का मिलन करवाया । अररिया के SDPO सुशील कुमार ने बताया कि पीड़ित युवक को कोर्ट में पेश किया जाएगा। उससे पूछताछ कर Human trafficking नेटवर्क की पूरी जानकारी जुटाई जाएगी और सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।


