Grok Controversy : भारत के कानून के तहत काम करेंगे, X ने मानी अपनी गलती, 600 से ज्यादा अकाउंट हटाए

Grok Controversy : सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर X ने अपने AI टूल Grok से जुड़े अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट विवाद में अपनी गलती स्वीकार की है। कंपनी ने भारत सरकार को भरोसा दिलाया है कि वह आगे से पूरी तरह भारतीय कानूनों के तहत काम करेगी। सरकार की सख्ती के बाद X ने करीब 3,500 आपत्तिजनक पोस्ट ब्लॉक किए हैं और 600 से ज्यादा अकाउंट्स को प्लेटफॉर्म से डिलीट कर दिया है।
दरअसल, भारत सरकार ने हाल ही में Grok के जरिए अश्लील(Grok Controversy), भद्दे और गैरकानूनी कंटेंट के प्रसार पर गंभीर चिंता जताई थी। सरकारी एजेंसियों के अनुसार, Grok का इस्तेमाल फेक प्रोफाइल बनाने, महिलाओं को ऑनलाइन परेशान करने और उन्हें निशाना बनाने में किया जा रहा था। इसमें इमेज एडिटिंग, सिंथेटिक कंटेंट और गलत प्रॉम्प्ट्स के जरिए महिलाओं की तस्वीरों और वीडियो के दुरुपयोग के मामले सामने आए थे।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने 2 जनवरी को X को निर्देश दिया था कि वह Grok से जुड़े सभी आपत्तिजनक और गैरकानूनी कंटेंट को तुरंत हटाए। मंत्रालय ने चेतावनी दी थी कि आदेश का पालन न करने पर IT एक्ट और अन्य संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी(Grok Controversy)। साथ ही X से 72 घंटे के भीतर की गई कार्रवाई रिपोर्ट मांगी गई थी।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, X ने 8 जनवरी को अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसे सरकार ने विस्तृत तो बताया, लेकिन पर्याप्त नहीं माना। इसके बाद कंपनी को 72 घंटे का अतिरिक्त समय दिया गया। इस अवधि में X ने कार्रवाई करते हुए हजारों पोस्ट ब्लॉक किए और सैकड़ों अकाउंट हटाए।
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X ने सरकार को यह भी आश्वासन दिया है कि आगे से कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम को और सख्त किया जाएगा। कंपनी का कहना है कि अब अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट की तेजी से पह चान कर उसे हटाया जाएगा। इसके अलावा यूजर्स और अकाउंट्स पर त्वरित कार्रवाई, अनिवार्य रिपोर्टिंग और बेहतर निगरानी के लिए मजबूत सिस्टम लागू किए जाएंगे।(Grok Controversy)
सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन अश्लीलता और खासकर महिलाओं को निशाना बनाने वाले कंटेंट को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भारतीय कानूनों का पालन करना अनिवार्य होगा।



