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Ganesh Chaturthi 2025 : 5 सितंबर से शुरू होगा गणेश महोत्सव, जानें स्थापना मुहूर्त, तिथि और पूजन विधि

(Tehelka Desk)Ganesh Chaturthi 2025 :

गणपति बाप्पा मोरया

हर साल पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाने वाला गणेश चतुर्थी का पर्व इस बार और भी विशेष रहने वाला है। Ganesh Chaturthi 2025 की तारीख तय हो चुकी है और भक्तगण अब बप्पा के स्वागत की तैयारियों में जुट गए हैं। इस पावन अवसर पर भगवान गणेश की मूर्ति को घरों, पंडालों और मंदिरों में स्थापित कर भव्य पूजन, आरती और भजन-कीर्तन किए जाते हैं।

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इस लेख में जानिए गणेश चतुर्थी 2025 कब है, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त, पूजन की विधि, और गणेशोत्सव से जुड़ी परंपराएं।

 Ganesh Chaturthi 2025 : तिथि और दिन

हिंदू पंचांग के अनुसार, गणेश चतुर्थी हर वर्ष भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाई जाती है।

इस बार गणेश चतुर्थी 2025 की तिथि – शुक्रवार, 5 सितंबर 2025 को पड़ रही है।

  • चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 4 सितंबर 2025 को रात 10:46 बजे
  • चतुर्थी तिथि समाप्त: 6 सितंबर 2025 को रात 01:12 बजे

हालांकि, पूजा और स्थापना के लिए अगले दिन यानी 5 सितंबर को प्रातःकालीन मुहूर्त में गणेश जी की स्थापना की जाएगी।

 Ganesh Chaturthi 2025 :  शुभ मुहूर्त 2025

पूजन और स्थापना का समय अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इस बार गणेश स्थापना का शुभ मुहूर्त निम्नलिखित है:

  • स्थापना का शुभ मुहूर्त: सुबह 11:15 बजे से दोपहर 1:45 बजे तक
    (अभिजीत मुहूर्त: 12:01 PM – 12:52 PM)

यह समय सर्वश्रेष्ठ माना गया है क्योंकि यह दिन के मध्य में आता है और विशेष रूप से गृहस्थ जनों के लिए अनुकूल होता है।

 Ganesh Chaturthi 2025 :  स्थापना की विधि

गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की स्थापना और पूजा विशेष विधि-विधान से की जाती है। आइए जानते हैं गृहस्थ लोग कैसे करें सही तरीके से गणपति स्थापना:

Ganesh Chaturthi 2025 :  पूजन सामग्री

  • गणेश जी की मूर्ति (मिट्टी अथवा धातु की)
  • फूल, दूर्वा (21 पतियाँ), रोली, अक्षत
  • नारियल, मोदक, लड्डू, फल
  • पान, सुपारी, अगरबत्ती, दीपक, पंचामृत
  • लाल कपड़ा, कलश, मिट्टी का चौकी

 Ganesh Chaturthi 2025 : स्थापना की प्रक्रिया

  1. सबसे पहले घर की सफाई करें और पूजा स्थान को पवित्र करें।
  2. चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं और उस पर गणेश जी की मूर्ति स्थापित करें।
  3. मूर्ति की आँखों पर पहले टीका करें और फिर शुद्ध जल से स्नान कराएं।
  4. अब विधिवत पूजा आरंभ करें – पंचामृत स्नान, वस्त्र अर्पण, आभूषण, और फूलों से श्रृंगार करें।
  5. गणेश जी को मोदक, लड्डू और फल अर्पित करें।
  6. 21 दूर्वा अर्पण करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
  7. अंत में आरती करें और परिवार संग ‘गणपति बप्पा मोरया’ का जयघोष करें।

 Ganesh Chaturthi 2025 :  धार्मिक महत्व

भगवान गणेश को विघ्नहर्ता, बुद्धि के दाता और सर्वप्रथम पूज्य देवता माना गया है। मान्यता है कि इस दिन गणेश जी का जन्म हुआ था। उनकी आराधना से सभी विघ्न दूर होते हैं और कार्यों में सफलता प्राप्त होती है।

गणेश चतुर्थी पर विशेषकर विद्यार्थी, व्यापारी और नया काम शुरू करने वाले लोग व्रत और पूजन करते हैं।

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 Ganesh Chaturthi 2025 :  आयोजन और विसर्जन

गणेश चतुर्थी से शुरू होकर यह महोत्सव 10 दिनों तक चलता है। 10वें दिन अनंत चतुर्दशी को गणेश जी का विसर्जन बड़े धूमधाम से किया जाता है।

गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ! के जयघोष के साथ भक्त मूर्तियों को जल में विसर्जित करते हैं।

महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और आंध्रप्रदेश जैसे राज्यों में यह उत्सव बेहद भव्यता से मनाया जाता है। खासकर मुंबई में गणपति पंडालों की भव्यता देखते ही बनती है।

Ganesh Chaturthi 2025 :  प्रिय भोग

गणेश जी को मोदक अत्यंत प्रिय हैं। इस दिन घरों में विशेष रूप से स्टीम वाले उकडीचे मोदक, नारियल लड्डू, बेसन लड्डू, और अन्य पकवान बनाए जाते हैं।

भक्त उन्हें भोग लगाकर प्रसाद रूप में वितरित करते हैं।

Ganesh Chaturthi 2025 :  विशेष टिप्स

  • मिट्टी की मूर्ति ही लें और विसर्जन पर्यावरण के अनुकूल तरीके से करें।
  • पूजा में मोबाइल या शोर से बचें, वातावरण शांत रखें।
  • परिवार के सभी सदस्य मिलकर आरती करें, इससे सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।

 

pramesh manori

Asst. News Producer (T)

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