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 Diwali To Govardhan Puja 2025 : 20 को दीपावली, 21 को भाई दूज, 22 को गोवर्धन पूजा, जानें पूरी जानकारी

(Tehelka Desk) Diwali To Govardhan Puja 2025 : 

त्योहारों का मौसम अपने रंगीन रूप में दस्तक देने को तैयार है। इस साल  Diwali 2025 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी, वहीं गोवर्धन पूजा 22 अक्टूबर को होगी। ऐसे में 21 अक्टूबर को कौन सा पर्व या महत्व है, इसे जानना सभी के लिए जरूरी है, ताकि त्योहार की श्रृंखला को सही ढंग से निभाया जा सके।

Diwali To Govardhan Puja 2025 : दिवाली का दिन

दिवाली या दीपावली हिन्दू धर्म का प्रमुख त्योहार है, जो अंधकार पर प्रकाश की जीत और अमंगल पर मंगल की प्राप्ति का प्रतीक है। इस दिन लोग अपने घरों को दीपक और रंगोली से सजाते हैं, धन और सुख-समृद्धि के लिए माँ लक्ष्मी की पूजा करते हैं।

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  • मुख्य पूजा: घर के मुख्य स्थान पर लक्ष्मी, गणेश और सरस्वती की स्थापना कर पूजा।
  • दिशा‑निर्देश: शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक दीप जलाने और आरती का शुभ मुहूर्त।
  • त्यौहार का महत्व: धन और समृद्धि की प्राप्ति, परिवार और समाज में सौहार्द बढ़ाना।

Diwali To Govardhan Puja 2025 : अन्नकूट/भाई दूज/अन्य पर्व

दिवाली और गोवर्धन पूजा के बीच आने वाला 21 अक्टूबर का दिन भी कई जगहों पर अन्नकूट या नरक चतुर्दशी के रूप में मनाया जाता है।

  • उत्तर भारत में कुछ क्षेत्रों में इसे भाई दूज के लिए समर्पित किया जाता है।
  • भाई दूज का महत्व: भाई और बहन के रिश्ते को मजबूत करना। बहन अपने भाई की लंबी उम्र और खुशहाली की कामना करती है।
  • अन्नकूट पूजा: अन्न और कृषि की समृद्धि के लिए विशेष प्रकार के व्यंजन बनाकर भगवान को अर्पित किए जाते हैं।

Diwali To Govardhan Puja 2025 : स्थानीय परंपरा

  • राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में अन्नकूट या गोवर्धन पूजा से पहले 21 अक्टूबर को विशेष भोजन और सामूहिक पूजा आयोजित की जाती है।
  • भाई दूज: बहन अपने भाई को तिलक करके उसकी लंबी उम्र और समृद्धि की कामना करती है।

Diwali To Govardhan Puja 2025 : न पूजा और अन्नकूट

गोवर्धन पूजा 22 अक्टूबर को होती है। यह पर्व भगवान कृष्ण और उनके द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाने की कथा पर आधारित है।

  • कथा: जब इन्द्रदेव ने क्रोध किया और गाँव पर बारिश भेजी, तब कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाकर गाँववासियों को सुरक्षित रखा।
  • पूजा विधि: गोवर्धन या मिट्टी से बने पर्वत का पूजन कर भगवान कृष्ण को भोग अर्पित करना।
  • अन्नकूट: इस दिन सैकड़ों प्रकार के पकवानों का भोग बनाया जाता है, जिसे भगवान को अर्पित कर लोगों में वितरित किया जाता है।

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Diwali To Govardhan Puja 2025 : महत्व

  • प्रकृति और कृषि का सम्मान।
  • सामूहिक सहयोग और भाईचारे की भावना।
  • धार्मिक और सामाजिक चेतना का जागरण।

Diwali To Govardhan Puja 2025 :  तैयारियां और सुझाव

  1. सजावट: दिवाली के दिन घर और मंदिर को दीपक, रंगोली और फूलों से सजाएं।
  2. खरीदारी: मिठाई, पटाखे और पूजा सामग्री समय रहते खरीद लें।
  3. सुरक्षा: पटाखे जलाते समय बच्चों पर निगरानी रखें।
  4. धार्मिक पूजा: भगवान लक्ष्मी, गणेश और कृष्ण की पूजा विधिपूर्वक करें।
  5. स्वच्छता और पर्यावरण: दिवाली और गोवर्धन पूजा में प्राकृतिक सामग्री का प्रयोग करें।

Diwali To Govardhan Puja 2025 : सामाजिक महत्ता

  • दिवाली और गोवर्धन पूजा केवल धार्मिक उत्सव नहीं हैं, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक मेलजोल का प्रतीक हैं।
  • यह पर्व सकारात्मक ऊर्जा, खुशी और सौहार्द का संदेश देता है।
  • बच्चों और युवाओं को त्योहार की संस्कृति और परंपरा से परिचित कराने का अवसर प्रदान करता है।

Diwali To Govardhan Puja 2025 : संगठित कैलेंडर

तारीख पर्व / उत्सव महत्व
20 अक्टूबर दिवाली धन, सुख, समृद्धि, लक्ष्मी पूजा
21 अक्टूबर भाई दूज / अन्नकूट भाई-बहन का रिश्ते, कृषि सम्मान
22 अक्टूबर गोवर्धन पूजा / अन्नकूट भगवान कृष्ण, प्रकृति और कृषि सम्मान

 Diwali To Govardhan Puja 2025 : सारांश और शुभकामनाएं

इस दिवाली सीजन में 20 से 22 अक्टूबर तक तीन प्रमुख पर्व मनाए जाएंगे:

  1. 20 अक्टूबर: दिवाली, लक्ष्मी पूजा और दीप जलाना।
  2. 21 अक्टूबर: भाई दूज/अन्नकूट, भाई-बहन के रिश्ते और सामूहिक भोजन।
  3. 22 अक्टूबर: गोवर्धन पूजा, भगवान कृष्ण की कथा और अन्नकूट।

त्योहारों की श्रृंखला से न केवल आध्यात्मिक संतोष, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक मेलजोल भी बढ़ेगा। यह समय है अपने परिवार, मित्र और समाज के साथ खुशियां साझा करने का।

इस दिवाली सीजन की शुभकामनाएं सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य लेकर आए।

 

Seema Gariya

Asst. News Producer (T)

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