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Cough Syrup Case 2025 : डॉक्टर प्रवीण सोनी गिरफ्तार, अब तक 14 बच्चों की मौत, कंपनी पर भी मामला दर्ज

(Tehelka Desk)Cough Syrup Case 2025 : 

Uttar Pradesh  और अन्य राज्यों में फैल रहे कफ सिरप कांड ने एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था और दवा कंपनियों की सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में अब तक 14 बच्चों की मौत हो चुकी है और ज्यादातर बच्चों को वही दवा दी गई थी, जो कि डॉक्टर प्रवीण सोनी द्वारा लिखी गई थी। पुलिस ने डॉक्टर प्रवीण सोनी को गिरफ्तार कर लिया है और दवा बनाने वाली कंपनी के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।

Cough Syrup Case 2025 : पूरी जानकारी

कफ सिरप कांड की शुरुआत तब हुई जब उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में छोटे बच्चों में अचानक गंभीर लक्षण देखने को मिले। बच्चों को तेज बुखार, उल्टी, सांस लेने में तकलीफ और बेहोशी जैसी समस्याएँ होने लगीं। कई बच्चों की हालत बिगड़ते ही अस्पताल में भर्ती कराया गया।

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सुरक्षा जांच में पता चला कि बच्चों को दिया गया कफ सिरप संदिग्ध था और इसमें हानिकारक तत्व मौजूद थे। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि अधिकांश बच्चों को यह दवा डॉक्टर प्रवीण सोनी द्वारा लिखी गई थी।

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया और उनके बयान दर्ज किए। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि दवा में उपयोग होने वाले हानिकारक तत्व कंपनी द्वारा सही तरीके से नियंत्रित नहीं किए गए थे।

Cough Syrup Case 2025 : कंपनी पर मामला दर्ज

इस कांड में केवल डॉक्टर की जिम्मेदारी नहीं है। दवा बनाने वाली कंपनी पर भी केस दर्ज किया गया है। कंपनी पर यह आरोप है कि उन्होंने दवा की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया। ऐसे में अब यह देखना बाकी है कि कंपनी के कौन-कौन से अधिकारी इस मामले में जिम्मेदार पाए जाएंगे।

राज्य सरकार ने कफ सिरप कांड को लेकर आपात बैठक की है और स्वास्थ्य विभाग को सभी राज्यों में दवा वितरण और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, यह भी सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है कि बच्चों को दी जाने वाली किसी भी दवा में हानिकारक तत्व न हों।

Cough Syrup Case 2025 : मृतकों की संख्या

अब तक 14 बच्चों की मौत हो चुकी है और कई अन्य गंभीर रूप से बीमार हैं। पीड़ित परिवारों ने डॉक्टर प्रवीण सोनी और दवा कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

माता-पिता का कहना है कि बच्चों को केवल दवा लेने के लिए अस्पताल लाया गया था, लेकिन उनके बच्चों की जान चली गई। कई परिवार न्याय की गुहार लगाते हुए आंदोलन करने पर मजबूर हैं।

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Cough Syrup Case 2025 : सरकारी और पुलिस कार्रवाई

उत्तर प्रदेश पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। डॉक्टर प्रवीण सोनी से पूछताछ की जा रही है। साथ ही, दवा कंपनी के निर्माण और वितरण रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों को चेतावनी दी है कि वे संदिग्ध कफ सिरप के इस्तेमाल से बचें और केवल प्रमाणित दवाओं का ही प्रयोग करें। इसके अलावा, अधिकारियों ने कहा कि जो भी व्यक्ति इस मामले में दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Cough Syrup Case 2025 : विशेषज्ञों की राय

दवा विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों के लिए दवा की गुणवत्ता पर किसी भी हाल में समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि दवा में मौजूद किसी भी हानिकारक तत्व से बच्चों की जान पर सीधा खतरा हो सकता है। विशेषज्ञों ने सभी माता-पिता से आग्रह किया है कि वे केवल सरकारी या प्रमाणित दवाओं का ही प्रयोग करें।

Cough Syrup Case 2025 : नागरिक सुरक्षा और जागरूकता

इस कांड ने यह साफ कर दिया है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि माता-पिता को किसी भी दवा के सेवन से पहले उसके निर्माता और गुणवत्ता की जानकारी अवश्य लेनी चाहिए।

Cough Syrup Case 2025 : संभावनाएँ

पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की जांच जारी है। जल्द ही इस मामले में डॉक्टर प्रवीण सोनी और कंपनी के खिलाफ मुकदमा कोर्ट में पेश किया जाएगा। इसके साथ ही, राज्य सरकार ने अन्य राज्यों में भी संदिग्ध कफ सिरप की जांच के आदेश दिए हैं।

यह मामला न केवल बच्चों की सुरक्षा का है, बल्कि यह दवा उद्योग में गुणवत्ता मानकों के पालन की दिशा में चेतावनी भी है।

 

Seema Gariya

Asst. News Producer (T)

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