(Tehelka Desk)Chachi Bhatija Marriage Case :
बिहार का जमुई :
Bihar के जमुई जिले से एक बेहद अनोखी घटना सामने आई है। 40 साल की चाची आयुषी और 20 साल का भतीजा सचिन एक मंदिर में विवाह कर चुके हैं। यह संबंध केवल पारिवारिक बंधन नहीं बल्कि इंटरनेट और मोबाइल चैटिंग के जरिये शुरू हुआ और प्रेम-रिश्ता बन चुका था।
दोनों का कहना है कि लगभग एक साल से चल रहा उनका प्रेम प्रसंग ही विवाह की नींव बना, लेकिन इसे लेकर समुदाय और परिवार में गहरी नाराज़गी और विवाद भी खड़ा हो गया।
Chachi Bhatija Marriage Case : कैसे शुरू हुआ हमला दिल से दिल तक का सफर
सूत्रों के अनुसार, मोबाइल और सोशल मीडिया के जरिए आयुषी और सचिन की बातचीत शुरू हुई थी।
- शुरुआत दोस्ती से मोबाइल चैटिंग की शुरुआत में दोनों के बीच सेकेंडरी दोस्ती पनपी।
- भरोसा और विश्वास: धीरे-धीरे उनका रिश्ता आगे बढ़ा और अंतरंग भावनाएँ गहराईं।
- एक साल में रिश्ते की गहराई: इस दौरान दोनों ने एक-दूसरे के विचारों और इच्छाओं को समझा और इसे प्यार की परिभाषा दी।
मनरेगा की चर्चा, रिश्तेदारों की बातें और छोटी-छोटी वीडियो कॉल यही सब रिश्ते को मजबूत कर गए।
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Chachi Bhatija Marriage Case : चर्चा से मंदिर तक, सगाई से विवाह
जब आयुषी और सचिन ने अपने रिश्ते को गंभीरता से लेना शुरू किया, तो परिवार में हलचल मच गई।
- पिता और परिवार के माथे पर चिंता की लकीर चाचा इंद्रदेव पासवान को जब इस प्रेम प्रसंग की भनक लगी, तो उन्होंने आनन-फानन में परिवार और गांव वालों को इकट्ठा किया।
- पंचायत की मेज़बानी गाँव में अचानक पंचायत बुलाई गई और दोनों से पूछा गया कि क्या वे सच में साथ रहना चाहते हैं।
- चाचा की सहमति से मांग भरण और मंडप: विवादास्पद तरीके से पंचायत में ही चाचा ने आयुषी की मांग भरवाई और मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह संपन्न हुआ।
- वीडियो वायरल इस दौरान ग्रामीणों ने वीडियो बना लिया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ पारिवारिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएँ
Chachi Bhatija Marriage Case : इस विवाह ने पूरे इलाके में तहलका मचा दिया
- चाचा का बयान: चाचा इंद्रदेव पासवान ने कहा कि पिटाई या मजबूरन विवाह नहीं कराया गया, बल्कि दोनों की मर्जी पर यह निर्णय लिया गया ।
- गांववालों की मिली-जुली प्रतिक्रिया: कुछ ने इसे “अजीब” और “गुस्सा देने वाला” बताया, वहीं अन्य ने इसे “मर्जी का फैसला” कहा ।
- परिवार में दरार: चाची के पूर्व पति ने भी केस दर्ज कराने की बात की है
कानूनी और सांस्कृतिक पहलू
Chachi Bhatija Marriage Case : इस मामले में सामाजिक और कानूनी दृष्टिकोण स्पष्ट हैं
कानूनी स्थिति:
- भारतीय कानून में नाइट्यूरल संबंध विवाह निषिद्ध हैं, लेकिन बहुत साफ नियम नहीं हैं। चाचा-भतीजे का रिश्ता “avunculate marriage” जैसा है। भारत के कुछ हिस्सों में इसकी अनुमति नहीं
सांस्कृतिक दृष्टि:
- दक्षिण भारत में चाचा-भतीजे की शादी की सांस्कृतिक परंपरा रही है, हालांकि उत्तर भारत में यह असामान्य और विवादास्पद तथ्था अपवाद माना जाता है
दक्षिण भारत की सांस्कृतिक प्रथा कई पश्चिमी समुदायों से मेल खाती है, फिर भी चर्चा का विषय नहीं बनती। परिणाम: समाज में बहस और अंजाम
- अब परिवार कोर्ट की राह देखने वाला है। चाची का पहला पति पहले से ही तलाक की अर्जी दे चुका था
ग्रामीणों में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है और बात सोशल मीडिया तक पहुंच गई। कुछ लोगों ने इसे “पारिवारिक मर्यादाओं की लंघन” कहा, तो कुछ ने इसे “दो लोग अपनी मर्जी से साथ” बताया।
आगे क्या?
- कानूनी मुकदमा: चाची और भतीजे को कोर्ट से कानूनी हल या मान्यता मिलने की प्रक्रिया चल रही है।
- सामाजिक स्वीकृति: गांव में और परिवारों में स्वीकार्यता की समीक्षा होगी।
- नैतिक बहस: मीडिया, ब्लॉग और चर्चित वार्ता इस घटना को नैतिक ढंग से परख रही है।
- प्रियार्थिक प्रश्न: “क्या प्यार उम्र या खून की सीमाओं को पार कर सकता है?” इस पर विचार-विमर्श तेज़ हो रहा है।
- एक अनूठा प्रेम, एक विषम अंजाम
- यह मामला केवल व्यक्तिगत प्रेम कहानी नहीं, बल्कि परिवार, समाज, संस्कृति और कानून की बंद संधियों को चुनौती देता हुआ दिखाई देता है।
- जहाँ एक तरफ प्रेम को हिस्सेदारी का अधिकार है, वहीं दूसरी तरफ पारिवारिक और सामाजिक संरचनाएं इसे अवैध और अजीब कह रही हैं।
- अब न्यायालय जो समाज की मर्यादाओं को तोड़ने या परिभाषित करने में भूमिका निभाता है उसके निर्णय का इंतजार है। क्या यह शादी कानूनी रूप से मान्य होगी क्या नया युग पुरानी सीमाओं को पार कर सकता है?


