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(Tehelka Desk)Central Cabinet Meeting :
एम्प्लॉयमेंट लिंक्ड इन्सेंटिव योजना से बढ़ेगा रोजगार
Central Cabinet Meeting : खेल नीति 2025
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में बुधवार को देश के लिए दो बड़े और दूरगामी प्रभाव वाले फैसले लिए गए। सरकार ने “एम्प्लॉयमेंट लिंक्ड इन्सेंटिव स्कीम” को मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य देश में रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही “राष्ट्रीय खेल नीति 2025” को भी कैबिनेट की हरी झंडी मिल गई है, जिससे खेल क्षेत्र को संरचनात्मक और रणनीतिक मजबूती देने का लक्ष्य तय किया गया है।
Central Cabinet Meeting : एम्प्लॉयमेंट लिंक्ड इन्सेंटिव योजना
केंद्र सरकार की यह योजना खास तौर पर निजी क्षेत्र में रोजगार को प्रोत्साहित करने के लिए लाई गई है। इस योजना के अंतर्गत, उन कंपनियों को सरकारी प्रोत्साहन (इन्सेंटिव) दिए जाएंगे जो नए कर्मचारियों की भर्ती करती हैं और उन्हें लंबी अवधि तक बनाए रखती हैं।
योजना की मुख्य बातें:
- योजना अवधि: 2025–2030 तक प्रभावी
- उद्देश्य: संगठित क्षेत्र में रोजगार के अवसरों को बढ़ाना
- लाभार्थी: 10 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना
- इन्सेंटिव का रूप: EPFO सब्सिडी, टैक्स रिबेट और प्रशिक्षण सहयोग
- लक्षित क्षेत्र: मैन्युफैक्चरिंग, टेक्सटाइल, फार्मा, रिटेल, लॉजिस्टिक्स और IT/ITeS
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Central Cabinet Meeting : सरकार का लक्ष्य
इस योजना के ज़रिए सरकार का लक्ष्य है कि 5 वर्षों में कम से कम 1 करोड़ स्थायी नौकरियाँ सृजित की जाएं। इससे न केवल बेरोजगारी दर में कमी आएगी, बल्कि अर्थव्यवस्था में श्रमशक्ति की भागीदारी भी बढ़ेगी।
खेल नीति 2025: ‘ओलंपिक मिशन’ को मिली नई दिशा
देश में खेल प्रतिभाओं को निखारने और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत की सशक्त भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने “राष्ट्रीय खेल नीति 2025” को भी मंजूरी दे दी है। यह नीति आने वाले वर्षों में भारत को खेल महाशक्ति बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगी।
Central Cabinet Meeting : खेल नीति 2025 की प्रमुख बातें
- ग्रासरूट से ओलंपिक तक की रणनीति
- खेल इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश बढ़ाया जाएगा
- ‘एक जिला, एक खेल’ योजना को बल
- निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहन
- खेलो इंडिया कार्यक्रम का और विस्तार
- कोचिंग और ट्रेनिंग की गुणवत्ता में सुधार
- खिलाड़ियों को बीमा, छात्रवृत्ति और नौकरी की सुविधा
दीर्घकालिक लक्ष्य:
- 2036 ओलंपिक की मेज़बानी की तैयारी
- 2028 और 2032 ओलंपिक में 50+ मेडल लक्ष्य
- ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों से नई प्रतिभाओं की खोज
दोनों योजनाओं के पीछे सरकार की सोच क्या है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार का फोकस अब “युवा” और “खेल” पर एक साथ केंद्रित होता नजर आ रहा है। एक ओर जहां रोजगार योजना से आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा, वहीं खेल नीति देश में “फिट इंडिया” और “न्यू इंडिया” की अवधारणा को मजबूत बनाएगी।
विशेषज्ञों की राय:
- रोजगार विशेषज्ञों के अनुसार, यह योजना MSMEs के लिए राहत का काम करेगी, जिन्हें मैनपावर की आवश्यकता है लेकिन संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं।
- खेल जगत के दिग्गजों ने नीति की सराहना करते हुए कहा कि इससे खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा और नौजवानों में खेल के प्रति रुचि भी।
Central Cabinet Meeting : केंद्रीय मंत्रियों की प्रतिक्रिया
- अनुराग ठाकुर (खेल मंत्री): “यह खेल नीति आने वाले वर्षों में भारत को ओलंपिक महाशक्ति बनाएगी।”
- भूपेन्द्र यादव (श्रम मंत्री): “एम्प्लॉयमेंट लिंक्ड योजना से देश के युवाओं को उनके हुनर के मुताबिक सही अवसर मिलेंगे।”
केंद्र सरकार के ये दो निर्णय न केवल युवाओं की आकांक्षाओं को नई उड़ान देंगे, बल्कि देश को सामाजिक और आर्थिक रूप से भी मजबूत बनाएंगे। आने वाले वर्षों में इन दोनों योजनाओं का प्रभाव प्रत्यक्ष रूप से रोजगार दर, खेल प्रदर्शन, और समग्र विकास में दिखेगा।


