Bollywood 2025 : अजय देवगन की ‘Son of Sardaar 2’ रह गई फीकी, मृणाल ठाकुर की एंट्री भी नहीं बचा पाई फिल्म
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(Tehelka Desk)Bollywood 2025 :
Bollywood 2025 : कहानी में क्या है?
‘Son of Sardaar 2’ 2012 में आई फिल्म ‘Son of Sardaar’ की सीक्वल है। इस बार जसविंदर रंधावा (अजय देवगन) की कहानी आगे बढ़ती है, जो अपने गांव लौटता है, लेकिन इस बार पुरानी दुश्मनी से नहीं बल्कि परिवार की साख बचाने के लिए। यहां उसकी मुलाकात होती है मृणाल ठाकुर द्वारा निभाई गई रीत कौर से — जो न केवल जसविंदर की लव इंटरेस्ट है, बल्कि एक स्वतंत्र विचारों वाली महिला भी है।
कहानी में पुराने दुश्मन, राजनीति, पंचनामे, गांव की राजनीति, और रोमांस को मिलाकर मसालेदार पेशकश की कोशिश की गई है। लेकिन अफसोस, कहानी न तो दर्शकों को हँसाने में कामयाब होती है और न ही दिल छूने वाली कोई गहराई दे पाती है।
Bollywood 2025 : अभिनय और परफॉर्मेंस
- अजय देवगन जसविंदर के रोल में सधे हुए नजर आते हैं, लेकिन स्क्रिप्ट उन्हें ज्यादा उभरने नहीं देती। उनका ह्यूमर और एक्शन इस बार उतना प्रभाव नहीं छोड़ता जितना पहले पार्ट में किया था।
- मृणाल ठाकुर, जो आमतौर पर अपनी परफॉर्मेंस से स्क्रीन पर चमक लाती हैं, इस बार काफी सीमित स्क्रिप्ट और कमजोर संवादों में उलझी नजर आईं। अजय और मृणाल की केमिस्ट्री दर्शकों को बांधने में असफल रही।
- संजय मिश्रा और जॉनी लीवर जैसे मंझे हुए कलाकारों को हास्य देने के लिए रखा गया है, लेकिन उनके संवाद और पंच इतने पुराने लगते हैं कि हंसी नहीं आती, सिर्फ खीझ होती है।
Bollywood 2025 : निर्देशन और तकनीकी पक्ष
निर्देशक अश्विनी धीर एक बार फिर से हल्की-फुल्की कॉमेडी और पारिवारिक ड्रामा की लय पकड़ने की कोशिश करते हैं, लेकिन स्क्रिप्ट बिखरी हुई लगती है। कुछ दृश्य काफी लंबे और उबाऊ हैं। फिल्म में कई जगहों पर लाउड बैकग्राउंड म्यूजिक और अनावश्यक स्लो-मोशन सीक्वेंस डाले गए हैं, जो प्रभाव की जगह खींचाव महसूस कराते हैं।
सिनेमेटोग्राफी औसत है और पंजाब के ग्रामीण दृश्यों को पकड़ने में कोई नई बात नहीं दिखती। संपादन भी ढीला है फिल्म में आसानी से 20-25 मिनट कम किए जा सकते थे।
Bollywood 2025 : संगीत और डायलॉग्स
फिल्म में कुल 5 गाने हैं, जिनमें से एक भी ऐसा नहीं जो लंबे समय तक याद रह सके। हिमेश रेशमिया का संगीत इस बार कोई कमाल नहीं दिखा पाया। डायलॉग्स भी काफी औसत और पुराने जमाने के लगते हैं। जहां हंसी आनी चाहिए थी, वहां भी सन्नाटा छाया रहता है।
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Bollywood 2025 : कमज़ोरियां
- अजय-मृणाल की केमिस्ट्री में कोई स्पार्क नहीं है।
- स्क्रिप्ट में कोई नयापन नहीं है।
- हास्य के नाम पर पुरानी और बासी पंचलाइन।
- सेकेंड हाफ बेहद धीमा और बोरिंग।
- कैरेक्टर डेवलपमेंट अधूरा और जबरदस्ती का रोमांस।
क्या है अच्छा?
- कुछ एक्शन सीन अजय के फैन्स को पसंद आ सकते हैं।
- संजय मिश्रा के कुछ पल हल्की हंसी जरूर देते हैं।
- फिल्म की थीम पारिवारिक है, इसलिए कुछ दर्शकों को अपील कर सकती है।
Bollywood 2025 : अंतिम निष्कर्ष
‘Son of Sardaar 2’ एक कोशिश तो करती है अपने पहले भाग की लोकप्रियता को दोहराने की, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट, बेजान केमिस्ट्री और औसत निर्देशन फिल्म को डूबो देता है। जिन दर्शकों ने ‘Son of Sardaar’ को पसंद किया था, उनके लिए यह फिल्म एक निराशा साबित हो सकती है।
अगर आप सिर्फ अजय देवगन के फैन हैं तो एक बार देख सकते हैं, लेकिन कुछ नया या दिल को छू लेने वाली कहानी की उम्मीद लेकर न जाएं।


