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 Bhai Dooj 2025 :  भाई-बहन के अटूट प्रेम का पर्व, जानें कब है तिथि, पूजा विधि और टीका का शुभ मुहूर्त

(Tehelka Desk)Bhai Dooj 2025 :  

Bhai Dooj 2025 , जिसे भ्रातृ द्वितीया भी कहा जाता है, दिवाली के तुरंत बाद आने वाला पवित्र पर्व है जो भाई-बहन के प्रेम, स्नेह और सुरक्षा के रिश्ते को समर्पित है। इस दिन बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनके दीर्घायु की कामना करती हैं, वहीं भाई अपनी बहनों को स्नेह और उपहार देते हैं। साल 2025 में यह पर्व कब मनाया जाएगा—22 या 23 अक्टूबर—इसको लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति है। आइए जानते हैं सही तारीख, टीका का शुभ मुहूर्त और इस दिन की पूजा विधि।

Bhai Dooj 2025 :  सही तारीख और मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, भाई दूज का पर्व इस वर्ष गुरुवार, 23 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा।
द्वितीया तिथि 22 अक्टूबर की रात 11:58 बजे से शुरू होकर 23 अक्टूबर की रात 01:45 बजे तक रहेगी।
इसलिए 23 अक्टूबर को भाई दूज का पर्व शुभ मुहूर्त में मनाया जाएगा।

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🕉 टीका का शुभ मुहूर्त:
सुबह 10:42 बजे से दोपहर 1:12 बजे तक  यह समय भाई-बहन के मिलन और तिलक संस्कार के लिए अत्यंत शुभ माना गया है।

Bhai Dooj 2025 :  महत्व

भाई दूज का संबंध यमराज और उनकी बहन यमुना से जुड़ा है। पुराणों के अनुसार, इस दिन यमराज अपनी बहन यमुना के घर भोजन करने गए थे। यमुना ने अपने भाई का आदर-सत्कार कर उनके माथे पर तिलक लगाया और दीर्घायु की कामना की।
इससे प्रसन्न होकर यमराज ने वरदान दिया कि इस दिन जो भी बहन अपने भाई का आदरपूर्वक टीका करेगी और भोजन कराएगी, उस भाई की आयु लंबी होगी और यमराज के भय से मुक्त रहेगा।
तभी से यह पर्व भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक बन गया।

Bhai Dooj 2025 :  पूजा विधि

  1. स्नान और संकल्प:
    सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और घर को साफ-सुथरा रखें।
    भगवान गणेश और विष्णु की पूजा कर शुभ कार्यों की शुरुआत करें।
  2. भाई का स्वागत:
    बहनें अपने भाइयों को घर बुलाकर उनके लिए थाली सजाती हैं।
    थाली में रोली, अक्षत, दीपक, मिठाई और नारियल रखा जाता है।
  3. तिलक विधि:
    शुभ मुहूर्त में भाई के माथे पर तिलक लगाएँ, आरती करें और मिठाई खिलाएँ।
    बहन अपने भाई की दीर्घायु और समृद्धि की कामना करती है।
  4. उपहार आदान-प्रदान:
    भाई अपनी बहन को उपहार, कपड़े या गहने देते हैं और उसकी रक्षा का वचन देते हैं।
  5. भोजन परंपरा:
    इस दिन घर में विशेष पकवान बनाए जाते हैं।
    परंपरा के अनुसार, भाई को बहन के घर भोजन करना शुभ माना जाता है।

Bhai Dooj 2025 :   यम द्वितीया का संबंध

भाई दूज को यम द्वितीया भी कहा जाता है क्योंकि इस दिन यमराज और यमुना का मिलन हुआ था। मान्यता है कि जो भाई इस दिन अपनी बहन के घर जाकर तिलक करवाता है, वह अकाल मृत्यु के भय से मुक्त होता है।
कुछ स्थानों पर इसे भाऊ बीज और भाई टीका के नाम से भी जाना जाता है विशेषकर महाराष्ट्र, गुजरात और उत्तर भारत में।

Bhai Dooj 2025 :   राशि अनुसार शुभ संयोग

इस बार भाई दूज पर चंद्रमा मिथुन राशि में और गुरु वृषभ राशि में गोचर कर रहे हैं। यह स्थिति शुभ फल देने वाली है।

  • मेष, सिंह और तुला राशि के जातकों के लिए यह दिन अत्यंत शुभ रहेगा।
  • कर्क और मकर राशि वालों को यात्रा में सावधानी बरतनी चाहिए।
  • कुंभ और मीन राशि वालों के लिए पारिवारिक वातावरण सुखद रहेगा।

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Bhai Dooj 2025 :  क्या करें और क्या न करें

क्या करें:

  • बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र की कामना करें।
  • घर में दीपक जलाएँ और लक्ष्मी-गणेश की पूजा करें।
  • परिवार के साथ समय बिताएँ।

क्या न करें:

  • क्रोध या वाद-विवाद से बचें।
  • झूठ या छल से बचें — यह दिन पवित्रता और प्रेम का प्रतीक है।
  • सूरज ढलने के बाद तिलक न करें।

Bhai Dooj 2025 :  प्रेम और जिम्मेदारी का प्रतीक

भाई दूज केवल एक धार्मिक पर्व नहीं बल्कि एक भावनात्मक उत्सव है। यह दिन याद दिलाता है कि भाई अपनी बहन की सुरक्षा और सम्मान के लिए जिम्मेदार है, जबकि बहन अपने भाई की लंबी उम्र के लिए समर्पित होती है। आधुनिक समय में भी यह परंपरा लोगों को रिश्तों की गहराई और अपनापन सिखाती है।

भाई दूज 2025 का पर्व 23 अक्टूबर को पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। यह दिन केवल भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक नहीं, बल्कि पारिवारिक एकता और स्नेह का उत्सव है। इस बार के शुभ योग और ग्रह स्थिति इसे और भी खास बना रहे हैं।

 

Seema Gariya

Asst. News Producer (T)

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