BAC Meeting 2025 : राज्यसभा में पहलगाम और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर हो चर्चा, PM की मौजूदगी रहे सुनिश्चित
(Tehelka Desk)BAC Meeting 2025 :
विपक्ष हमलावर
संसद का मॉनसून सत्र अपने आरंभ से ही हंगामेदार रहा है, और अब विपक्ष ने रणनीतिक रूप से बड़ा मुद्दा उठा दिया है। बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक में मंगलवार को विपक्षी दलों ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हालिया आतंकी हमले और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर राज्यसभा में विस्तृत चर्चा की मांग की है।
विपक्षी नेताओं ने यह भी जोर देकर कहा कि इस बहस के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति अनिवार्य होनी चाहिए, ताकि सरकार की ओर से सीधा और जवाबदेह स्पष्टीकरण मिल सके।
BAC Meeting 2025 : क्या है ‘ऑपरेशन सिंदूर’?
‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारतीय सेना द्वारा हाल ही में चलाया गया एक गुप्त और रणनीतिक सैन्य अभियान है, जो कश्मीर घाटी में आतंकवादियों के ठिकानों को नष्ट करने के लिए किया गया था। इस ऑपरेशन में कई आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है, लेकिन इससे जुड़े कई तथ्यों पर सरकार की ओर से अब तक विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।
BAC Meeting 2025 : BAC बैठक में विपक्ष का रुख तीखा
बैठक में मौजूद कांग्रेस, टीएमसी, आप, डीएमके, लेफ्ट, आरजेडी सहित कई दलों ने संयुक्त रूप से कहा कि:
“कश्मीर घाटी में जिस प्रकार सुरक्षा हालात बिगड़े हैं, खासतौर से पहलगाम में हुआ ताज़ा हमला, वह बेहद चिंता का विषय है। देश को जानने का हक है कि वहां क्या हो रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री की सीधी मौजूदगी के साथ बहस कराना ज़रूरी है।”
BAC Meeting 2025 : पहलगाम हमले की पृष्ठभूमि
9 जुलाई को हुए पहलगाम हमले में अमरनाथ यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं पर हमला किया गया, जिसमें 5 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों घायल हुए।
इस हमले को लेकर न सिर्फ़ सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे, बल्कि सरकार की प्रतिक्रिया की भी आलोचना हो रही है। विपक्ष का कहना है कि इस हमले पर सरकार ने संसद को विश्वास में नहीं लिया है।
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BAC Meeting 2025 : PM की मौनता पर विपक्ष का सवाल
बीएसी मीटिंग के दौरान विपक्ष ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी देश की सुरक्षा और आंतरिक मसलों पर चर्चा से बच रहे हैं।
टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा, “देश के सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में हमले हो रहे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री संसद में नहीं आ रहे। क्या लोकतंत्र में जवाबदेही नहीं होनी चाहिए?”
BAC Meeting 2025 : सरकार का जवाब
सूत्रों के मुताबिक, सरकार की ओर से गृहमंत्री अमित शाह इस पर जवाब देने को तैयार हैं, लेकिन प्रधानमंत्री की उपस्थिति पर सहमति नहीं बनी है।
संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा “सरकार विपक्ष की चिंता समझती है, लेकिन हर मुद्दे पर प्रधानमंत्री को बुलाना व्यवहारिक नहीं है। गृह मंत्रालय इस पर विस्तृत बयान देगा।”
BAC Meeting 2025 : सत्र की दिशा पर टकराव
मॉनसून सत्र की कार्यसूची पहले ही विपक्ष और सरकार के बीच खींचतान से प्रभावित हो रही है। ऐसे में पहलगाम हमला और ऑपरेशन सिंदूर जैसे संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा की मांग ने तनाव और बढ़ा दिया है।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि जब देश के नागरिक मारे जा रहे हैं, तो संसद का मौन रहना लोकतंत्र का अपमान होगा।
BAC Meeting 2025 : चर्चा या टकराव?
ऐसा माना जा रहा है कि यदि सरकार प्रधानमंत्री की मौजूदगी से इनकार करती है, तो विपक्ष सदन की कार्यवाही ठप कर सकता है।
BAC की अगली बैठक में इस विषय पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच मध्य मार्ग निकालने की कोशिशें जारी हैं।
पहलगाम हमला और ऑपरेशन सिंदूर न केवल सुरक्षा के सवाल खड़े करते हैं, बल्कि सत्ता की जवाबदेही पर भी बहस छेड़ते हैं। विपक्ष का यह दावा कि बिना प्रधानमंत्री की मौजूदगी के संसद में बहस अधूरी होगी, अब सरकार की रणनीति को चुनौती दे रहा है।
सवाल यह है कि क्या संसद में यह बहस होगी? और अगर होगी, तो क्या उसमें प्रधानमंत्री खुद मौजूद रहेंगे?


