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Atal Jayanti 2025 :  राष्ट्र ने किया अटल को याद, 101वीं जयंती पर राष्ट्रपति से PM तक श्रद्धांजलि

(Tehelka Desk)Atal Jayanti 2025 :  

आज देश पूर्व प्रधानमंत्री Atal Bihari Vajpayee  की 101वीं जयंती मना रहा है। इस अवसर पर राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश के शीर्ष नेतृत्व ने अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित की। अटल जी भारतीय राजनीति के ऐसे नेता रहे, जिन्होंने विचारधारा से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा और अपने सादगीपूर्ण जीवन, ओजस्वी वक्तृत्व और दूरदर्शी नेतृत्व से देश को नई दिशा दी।

Atal Jayanti 2025 :  राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने अर्पित की श्रद्धांजलि

101वीं जयंती के मौके पर राष्ट्रपति ने अटल बिहारी वाजपेयी को स्मरण करते हुए कहा कि वे भारतीय लोकतंत्र के मजबूत स्तंभ थे। उपराष्ट्रपति ने अटल जी को कुशल प्रशासक, संवेदनशील कवि और सर्वस्व राष्ट्र को समर्पित करने वाला नेता बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘सदैव अटल’ स्मारक पहुंचकर पूर्व प्रधानमंत्री को नमन किया और कहा कि अटल जी के विचार, आदर्श और नीतियां आज भी देश को प्रेरणा देती हैं।

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Atal Jayanti 2025 :  अटल जी का राजनीतिक सफर

अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हुआ था। वे जनसंघ के संस्थापक नेताओं में शामिल रहे और बाद में भारतीय जनता पार्टी को मजबूत आधार प्रदान किया। वे तीन बार देश के प्रधानमंत्री बने। उनके नेतृत्व में देश ने राजनीतिक स्थिरता, विकास और वैश्विक स्तर पर नई पहचान हासिल की।

Atal Jayanti 2025 :  सुशासन और विकास की पहचान

अटल सरकार के कार्यकाल को सुशासन और विकास के लिए जाना जाता है। स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, सर्व शिक्षा अभियान जैसे फैसले आज भी देश की प्रगति की रीढ़ माने जाते हैं। अटल जी ने आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाया और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया।

Atal Jayanti 2025 :  परमाणु परीक्षण और वैश्विक पहचान

1998 में पोखरण में हुए परमाणु परीक्षण अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व का साहसिक निर्णय थे। इस फैसले से भारत ने दुनिया को अपनी सामरिक क्षमता का एहसास कराया। अंतरराष्ट्रीय दबावों के बावजूद अटल सरकार ने राष्ट्रहित में मजबूती से कदम उठाया और भारत को आत्मनिर्भर रक्षा नीति की दिशा में आगे बढ़ाया।

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Atal Jayanti 2025 :  शांति और संवाद के पक्षधर

अटल बिहारी वाजपेयी को केवल कठोर फैसलों के लिए ही नहीं, बल्कि शांति और संवाद के प्रयासों के लिए भी याद किया जाता है। लाहौर बस यात्रा और पाकिस्तान के साथ संबंध सुधारने की पहल उनके दूरदर्शी दृष्टिकोण का उदाहरण रही। वे मानते थे कि पड़ोसी देशों के साथ संवाद से ही स्थायी शांति संभव है।

Atal Jayanti 2025 :  कवि हृदय नेता

अटल जी राजनीति के साथ-साथ साहित्य और कविता के भी बड़े प्रेमी थे। उनकी कविताओं में राष्ट्रप्रेम, मानवता और संवेदनशीलता झलकती थी। संसद हो या सार्वजनिक मंच, उनका भाषण शैली और शब्दों का चयन लोगों को गहराई से प्रभावित करता था। विपक्षी दल भी उनकी वाकपटुता और गरिमा का सम्मान करते थे।

Atal Jayanti 2025 :  सर्वसम्मति से स्वीकार्य नेता

अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति के उन चुनिंदा नेताओं में रहे, जिन्हें सत्ता और विपक्ष दोनों समान आदर देते थे। वे मतभेदों के बावजूद संवाद और सहमति की राजनीति में विश्वास रखते थे। यही कारण है कि उन्हें ‘राजनीति का अजातशत्रु’ भी कहा गया।

Atal Jayanti 2025 :  देशभर में कार्यक्रम और श्रद्धांजलि

101वीं जयंती के अवसर पर देशभर में कार्यक्रम आयोजित किए गए। विभिन्न राज्यों में बीजेपी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने श्रद्धांजलि सभाएं कीं। स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संस्थाओं में अटल जी के विचारों और योगदान पर चर्चा की गई।

Atal Jayanti 2025 :  अटल जी की विरासत

अटल बिहारी वाजपेयी की विरासत आज भी भारतीय राजनीति और समाज में जीवित है। उनके द्वारा दिए गए सुशासन, राष्ट्रवाद और लोकतांत्रिक मूल्यों के संदेश आज की पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक बने हुए हैं। उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि राजनीति में भी शालीनता, संवेदनशीलता और नैतिकता संभव है।

Seema Gariya

Asst. News Producer (T)

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