Ankita Bhandari Case : अंकिता हत्याकांड ने फिर पकड़ा तूल, कांग्रेस ने CBI जांच की उठाई मांग
(Tehelka Desk)Ankita Bhandari Case :
उत्तराखंड के बहुचर्चित Ankita Bhandari Case को लेकर एक बार फिर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने इस मामले में प्रेसवार्ता कर राज्य सरकार और जांच एजेंसियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक की जांच में कई अहम पहलुओं को नजरअंदाज किया गया है और खासतौर पर VIP एंगल को लेकर सच्चाई सामने नहीं लाई जा रही। कांग्रेस ने इस पूरे मामले की CBI जांच की मांग करते हुए कहा कि जब तक निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच नहीं होगी, तब तक अंकिता को न्याय नहीं मिल सकता।
Ankita Bhandari Case : प्रेसवार्ता में क्या बोले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष
प्रेसवार्ता के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अंकिता हत्याकांड केवल एक आपराधिक मामला नहीं है, बल्कि यह सत्ता, प्रभाव और सिस्टम की विफलता का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले से जुड़े कई सवाल आज भी अनुत्तरित हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा,
- जांच की दिशा शुरू से ही संदिग्ध रही है
- प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिश की गई
- VIP से जुड़े आरोपों पर गंभीरता से जांच नहीं हुई
उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक उठाएगी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।
Ankita Bhandari Case : VIP एंगल को लेकर सवाल
अंकिता हत्याकांड में शुरू से ही VIP एंगल की चर्चा होती रही है। कांग्रेस का आरोप है कि
- कुछ प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आए थे
- लेकिन जांच एजेंसियों ने उस दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं की
- कई अहम गवाहों और सबूतों को नजरअंदाज किया गया
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अगर राज्य सरकार और पुलिस को अपनी जांच पर भरोसा है, तो CBI जांच से क्यों डर है। उनका कहना था कि CBI जांच से सच्चाई सामने आएगी और दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा।

Ankita Bhandari Case : राज्य सरकार पर निशाना
प्रेसवार्ता में कांग्रेस ने सीधे तौर पर भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा किया।
कांग्रेस का आरोप है कि:
- सरकार ने शुरुआत से ही मामले को कमजोर करने की कोशिश की
- जांच एजेंसियों पर राजनीतिक दबाव डाला गया
- आरोपी पक्ष से जुड़े प्रभावशाली लोगों को संरक्षण मिला
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार “बेटी बचाओ” का नारा तो देती है, लेकिन जब वास्तविक न्याय की बात आती है, तो सरकार पीछे हट जाती है।
Ankita Bhandari Case : पीड़ित परिवार की पीड़ा
अंकिता के परिजनों की पीड़ा का जिक्र करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि परिवार आज भी न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है।
उन्होंने कहा कि:
- परिवार बार-बार निष्पक्ष जांच की मांग कर चुका है
- लेकिन सरकार ने उनकी आवाज नहीं सुनी
- यही वजह है कि जनता का भरोसा सिस्टम से उठता जा रहा है
कांग्रेस ने यह भी कहा कि अगर इस मामले में जल्द न्याय नहीं मिला, तो यह पूरे समाज के लिए एक गलत संदेश होगा।
Ankita Bhandari Case : सियासत क्यों गरमाई
जैसे-जैसे मामला आगे बढ़ा है, वैसे-वैसे राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हुई है।
- कांग्रेस इस मुद्दे को सरकार की विफलता बता रही है
- वहीं भाजपा इसे राजनीतिक लाभ के लिए उठाया गया मामला बता रही है
भाजपा नेताओं का कहना है कि जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और कांग्रेस केवल राजनीतिक रोटियां सेंक रही है। हालांकि कांग्रेस ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि यह सवाल राजनीति का नहीं, बल्कि न्याय और इंसाफ का है।
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Ankita Bhandari Case : CBI जांच की मांग क्यों
कांग्रेस का कहना है कि:
- राज्य पुलिस और SIT पर भरोसा नहीं रहा
- VIP एंगल की जांच राज्य स्तर पर संभव नहीं है
- CBI जैसी केंद्रीय एजेंसी ही निष्पक्ष जांच कर सकती है
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने CBI जांच की मांग नहीं मानी, तो पार्टी प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगी।
Ankita Bhandari Case : जनता और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रिया
अंकिता हत्याकांड को लेकर आम जनता और कई सामाजिक संगठनों में भी नाराजगी देखी जा रही है।
- सोशल मीडिया पर लगातार न्याय की मांग उठ रही है
- महिला संगठनों ने निष्पक्ष जांच की अपील की है
- युवाओं में इस मामले को लेकर गुस्सा है
लोगों का कहना है कि अगर ऐसे मामलों में प्रभावशाली लोग बच निकलेंगे, तो आम आदमी का कानून पर भरोसा खत्म हो जाएगा।
फिलहाल, अंकिता हत्याकांड को लेकर राजनीतिक तापमान बढ़ता नजर आ रहा है।
- कांग्रेस CBI जांच की मांग पर अड़ी हुई है
- सरकार अपनी जांच प्रक्रिया को सही बता रही है
- आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर प्रदर्शन और आंदोलन तेज हो सकते हैं
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द कोई ठोस और पारदर्शी कदम नहीं उठाया गया, तो यह मामला लंबे समय तक राज्य की राजनीति को प्रभावित करता रहेगा।
अंकिता हत्याकांड केवल एक अपराध नहीं, बल्कि उत्तराखंड की न्याय व्यवस्था और राजनीति की परीक्षा बन चुका है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की प्रेसवार्ता और CBI जांच की मांग ने एक बार फिर इस मामले को सुर्खियों में ला दिया है। अब देखने वाली बात यह होगी कि सरकार इस दबाव के बीच क्या कदम उठाती है और क्या अंकिता को वह न्याय मिल पाएगा, जिसकी उम्मीद उसका परिवार और पूरा प्रदेश कर रहा है।


