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Aadhar Update 2025 : खंडवा के स्वराज ने जनसुनवाई में पाई राहत, मिठाई बांटकर जताया धन्यवाद

(Tehelka Desk)Aadhar Update 2025 :

Madhya Pradesh  के खंडवा जिले से एक प्रेरणादायक और सुखद खबर सामने आई है, जिसने जनसुनवाई जैसे सरकारी कार्यक्रमों में लोगों का विश्वास और मजबूत कर दिया है। यहां एक छोटे से गांव का 14 साल बालक स्वराज सांवले अपनी एक गंभीर समस्या लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचा था। समस्या हल होने के बाद स्वराज ने अपनी खुशी जाहिर करने के लिए खुद कलेक्ट्रेट में मौजूद अधिकारियों को मिठाई बांटी। यह नजारा देखकर जनसुनवाई में मौजूद हर कोई मुस्कुरा उठा।

Aadhar Update 2025 : क्या थी समस्या?

स्वराज सांवले ग्राम सुरगांव जोशी का रहने वाला है। स्वराज की उम्र महज 14 साल है, लेकिन वह अपनी पहचान पत्र में गलती से परेशान था। दरअसल, स्वराज के आधार कार्ड में उसकी जन्मतिथि गलत अंकित थी, जिसके कारण स्कूल में उसकी मार्कशीट और अन्य दस्तावेजों से उसका आधार कार्ड मेल नहीं खा रहा था। इस वजह से स्कूल में दाखिले से लेकर स्कॉलरशिप और सरकारी योजनाओं में उसे परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

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स्वराज के पिता जितेंद्र सांवले ने बताया कि इस एक गलती को सही कराने के लिए वह पिछले कई महीनों से खंडवा के कई सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे। लेकिन हर जगह कोई न कोई कागजी अड़चन आ रही थी। आखिरकार उन्होंने जनसुनवाई में पहुंचकर कलेक्टर से मदद मांगने का फैसला किया।

Aadhar Update 2025 : जनसुनवाई में कलेक्टर ने सुनी बात

जिले में हर मंगलवार को शासन के निर्देश पर सभी सरकारी कार्यालयों में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित होता है। इसी कड़ी में पिछले मंगलवार को कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई आयोजित थी, जहां स्वराज अपने पिता के साथ पहुंचा। वहां उसने कलेक्टर ऋषव गुप्ता को आवेदन सौंपा और बताया कि उसके आधार पंजीयन में जन्मतिथि गलत है, जिसे सही कराने में दिक्कत आ रही है।

स्वराज की समस्या सुनकर कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जिले के ई-गवर्नेंस मैनेजर अनिल चंदेल को निर्देश दिया कि अगली जनसुनवाई से पहले स्वराज के आधार कार्ड में सुधार कराया जाए।

Aadhar Update 2025 : समस्या का समाधान और खुशियों की मिठाई

कलेक्टर के निर्देश के बाद ई-गवर्नेंस विभाग ने तुरंत कार्रवाई की और स्वराज का आधार पंजीयन सही करवा दिया गया। जैसे ही नया आधार कार्ड बना, स्वराज और उसके परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

इस मंगलवार को जब स्वराज फिर से जनसुनवाई में पहुंचा तो उसके हाथ में उसका नया आधार कार्ड और एक मिठाई का डिब्बा था। उसने कलेक्टर ऋषव गुप्ता को अपना अपडेटेड आधार कार्ड दिखाकर धन्यवाद दिया और वहीं मौजूद सभी अधिकारियों को मिठाई खिलाई।

कलेक्ट्रेट में मौजूद अन्य लोग भी यह देख कर खुश हुए कि किस तरह एक छोटे से बच्चे की समस्या को गंभीरता से लेकर प्रशासन ने राहत दी और एक परिवार को बड़ी चिंता से मुक्त किया।

Aadhar Update 2025 : स्वराज के पिता ने सुनाई आपबीती

स्वराज के पिता जितेंद्र ने बताया कि आधार कार्ड और मार्कशीट में जन्मतिथि अलग होने से स्कूल में दाखिले, स्कॉलरशिप और अन्य दस्तावेज बनवाने में बड़ी दिक्कत आ रही थी। कई बार प्रयास करने के बावजूद कहीं समाधान नहीं मिला। लेकिन जनसुनवाई ने उनकी उम्मीदों को फिर से जिंदा कर दिया।

जितेंद्र ने कहा, हमने कई दफ्तरों के चक्कर काटे लेकिन कोई हल नहीं निकला। अब जब जनसुनवाई में कलेक्टर साहब ने बात सुनी और तुरंत समाधान कराया तो दिल से विश्वास बढ़ गया। अब हमारा बेटा निश्चिंत होकर पढ़ाई करेगा।”

Aadhar Update 2025 : कलेक्टर ऋषव गुप्ता का बयान

कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने कहा कि शासन की मंशा है कि हर नागरिक की समस्या का समाधान त्वरित और पारदर्शी तरीके से हो। जनसुनवाई का मकसद यही है कि लोग अधिकारियों से सीधे मिलें और मौके पर ही समाधान हो।

उन्होंने कहा, “स्वराज जैसे बच्चे अगर हमारे पास भरोसा लेकर आते हैं तो हम अपनी पूरी टीम के साथ उनकी मदद करने को तैयार रहते हैं। ऐसे छोटे प्रयास ही लोगों में भरोसा बढ़ाते हैं कि सरकारी दफ्तर केवल फाइलों तक सीमित नहीं हैं।”

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Aadhar Update 2025 : गांव से मिली सीख 

स्वराज की कहानी आज भले ही एक छोटे गांव से निकली हो लेकिन यह उदाहरण बन गई है कि अगर अफसर ईमानदारी से सुनें तो जनसुनवाई जैसा मंच कितनी बड़ी राहत दे सकता है।

इस घटना ने गांवों और छोटे कस्बों के लोगों को यह संदेश दिया है कि वे अपनी समस्याओं को लेकर डरें नहीं, हिम्मत से आवाज उठाएं और सही मंच पर जाएं।

Aadhar Update 2025 : जनसुनवाई की बढ़ी सार्थकता

खंडवा कलेक्ट्रेट में हर हफ्ते दर्जनों लोग जनसुनवाई में अपनी समस्याएं लेकर आते हैं। छोटे-छोटे मसलों से लेकर बड़ी जनहित की शिकायतें भी सामने आती हैं। अधिकांश मामलों का मौके पर समाधान हो जाता है, कुछ मामलों को संबंधित विभागों को भेजा जाता है।

लेकिन स्वराज की मिठाई बांटने की घटना ने साबित कर दिया कि एक छोटा सा हल कभी-कभी किसी के लिए बड़ी खुशियों की वजह बन सकता है।

 

pramesh manori

Asst. News Producer (T)

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